
नवनियुक्त अपर नगर आयुक्त को पत्र लिखकर पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन, टैंकर सेवा और लंबित योजनाओं की स्थिति पूछी
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के नवनियुक्त अपर नगर आयुक्त जीतेंद्र यादव को पत्र लिखकर मानगो पेयजलापूर्ति परियोजना समेत निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है। अपने पत्र में विधायक ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जल शोधन संयंत्र, पाइपलाइन नेटवर्क, टैंकर सेवा तथा लंबित विकास योजनाओं को लेकर सवालों की लंबी सूची भेजी है।
पेयजल परियोजना की वर्तमान स्थिति पर मांगा जवाब
विधायक सरयू राय ने अपने पत्र में मानगो पेयजलापूर्ति परियोजना के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर जानकारी देने को कहा है। उन्होंने पूछा है कि परियोजना के इंटेकवेल की वर्तमान स्थिति क्या है और उसमें स्थापित मोटरें किस हालत में हैं।
उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि प्रतिदिन नदी से कितनी मात्रा में पानी उठाकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाता है तथा जल शोधन संयंत्र में लगी मशीनों की स्थिति क्या है। इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा है कि ट्रीटमेंट प्लांट से विभिन्न जलमीनारों तक कितनी अवधि के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है और वहां से उपभोक्ताओं तक पेयजल किस समय और कितनी देर तक पहुंचता है।
पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी नहीं पहुंचा तो क्यों?
पत्र में विधायक ने मानगो नगर निगम क्षेत्र में बिछाई गई पेयजल पाइपलाइनों की वास्तविक स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि किन-किन मोहल्लों तक पाइपलाइन का विस्तार किया जा चुका है और उन क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति हो रही है या नहीं।
साथ ही उन्होंने ऐसे इलाकों की संख्या भी बताने को कहा है, जहां पाइपलाइन बिछाने के बावजूद अब तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। विधायक ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों का ब्यौरा भी मांगा है जहां रात 12 बजे से 2 बजे के बीच पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
टैंकर सेवा और बालीगुमा पाइपलाइन परियोजना पर भी सवाल
सरयू राय ने निगम प्रशासन से पूछा है कि वर्तमान में मानगो क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कितने टैंकर कार्यरत हैं और कौन-सा टैंकर किस क्षेत्र में पानी पहुंचा रहा है।
उन्होंने बालीगुमा जलमीनार तक पानी पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (एनएच-33) के रास्ते पाइपलाइन बिछाने की परियोजना की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।
बिना पानी के पहुंच रहा बिल, क्या है सच्चाई?
विधायक ने पत्र में उल्लेख किया है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता शिकायत कर रहे हैं कि उनके घरों तक पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है, लेकिन नियमित रूप से पानी का बिल भेजा जा रहा है। उन्होंने निगम प्रशासन से इस शिकायत की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
इंटेकवेल से बालू हटाने के कार्य की प्रगति पूछी
सरयू राय ने बताया कि इंटेकवेल में जमा लगभग छह फीट मोटी बालू की परत हटाने तथा इंटेकवेल के दोनों ओर पक्की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए उनकी विधायक निधि से राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
उन्होंने पूछा है कि इस कार्य की वर्तमान प्रगति क्या है और अब तक कितना काम पूरा किया जा चुका है।
सफाई व्यवस्था और डीपीआर के लक्ष्य पर भी मांगी जानकारी
पत्र में विधायक ने यह भी पूछा है कि इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और विभिन्न जलमीनारों की सफाई कितने दिनों के अंतराल पर की जाती है तथा इनकी अंतिम सफाई किस तिथि को हुई थी।
उन्होंने पेयजल परियोजना के मूल डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में निर्धारित जलापूर्ति लक्ष्य और वर्तमान उपलब्धि के बीच अंतर की जानकारी भी मांगी है। विधायक जानना चाहते हैं कि परियोजना का लक्ष्य किस हद तक पूरा हो पाया है।
विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी
अपने पत्र में सरयू राय ने कहा है कि चूंकि जीतेंद्र यादव ने हाल ही में मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त का पदभार संभाला है, इसलिए यह जानना आवश्यक है कि उन्हें निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा विकास कार्यों की क्या जानकारी दी गई है और वास्तविक स्थिति उससे कितनी अलग है।
उन्होंने यह भी पूछा है कि उनकी विधायक निधि तथा जिला योजना मद से संचालित जिन योजनाओं का शिलान्यास तीन महीने से अधिक समय पहले हो चुका है, उनमें से कितनी योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, कितनी निर्माणाधीन हैं और कितनों पर अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है।
योजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदार कौन?
पत्र के अंत में विधायक ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने निगम प्रशासन से स्पष्ट करने को कहा है कि लंबित और विलंबित परियोजनाओं के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है तथा ऐसी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
सरयू राय का यह पत्र मानगो क्षेत्र में पेयजल संकट और विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन के बीच जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







