
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मुर्दा मैदान कचरा प्रकरण में अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद साफ कर दिया है कि वह मुकदमों और कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जमानत के लिए न तो थाने जाएंगे और न ही किसी तरह की पैरवी या सिफारिश करेंगे। प्राथमिकी में जो भी कार्रवाई होगी, उसका सामना करेंगे। विधायक ने यह बात सोमवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से कही।
सरयू राय ने मुर्दा मैदान में कचरे के ढेर, मानगो में बदहाल सफाई व्यवस्था, गंभीर पेयजल संकट, सड़कों पर गड्ढों और एनएच-33 पर फ्लाईओवर निर्माण के कारण हो रही परेशानियों को लेकर नगर निगम और संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसमस्याओं के समाधान में जिस तत्परता की जरूरत है, वह अधिकारियों के कामकाज में दिखाई नहीं दे रही है। साथ ही, उन्होंने नगर निगम की बैठकों, बजट, टेंडर प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
मुर्दा मैदान कचरा प्रकरण पर सरयू राय का दो टूक जवाब
विधायक सरयू राय ने बताया कि उन्होंने मुर्दा मैदान से कचरा हटाने के लिए नगर निगम को एक सप्ताह का समय दिया था। इसके बावजूद जब निर्धारित अवधि में कचरा नहीं हटाया गया, तो उन्होंने निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जब कचरा नगर निगम कार्यालय के सामने डाला गया, तो अधिकारी और कर्मचारी महज 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए और कचरे का निस्तारण कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि निगम ने मुर्दा मैदान से कचरा हटाने के मामले में पहले इसी तरह की तत्परता क्यों नहीं दिखाई।
सरयू राय के अनुसार, यदि नगर निगम समय रहते कार्रवाई करता, तो कचरे को कार्यालय के सामने डालने की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने पूरे मानगो में कचरा उठाव की खराब स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार करना निगम की प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्राथमिकी दर्ज होने पर बोले- जो होगा, उसका सामना करूंगा
सरयू राय ने फेसबुक लाइव में कहा कि उन्हें अखबारों के माध्यम से जानकारी मिली कि कचरा डालने के मामले में उलीडीह में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया और ऐसा प्रचारित किया गया कि मुर्दा मैदान का कचरा नगर निगम कार्यालय में डाल दिया गया।
विधायक ने स्पष्ट किया कि वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए किसी तरह की पैरवी या सिफारिश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मुकदमों से डरकर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। प्राथमिकी के तहत जो भी प्रक्रिया होगी, वह उसका सामना करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मानगो में सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की स्थिति सुधारने के लिए उनका अभियान जारी रहेगा। उनके मुताबिक, जनसमस्याओं को उठाना और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाना उनकी प्राथमिकता है।
मानगो में पेयजल संकट गंभीर, कई मोहल्लों में परेशानी
सरयू राय ने मानगो में गहराते पेयजल संकट को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई मोहल्लों में लोगों को घरों तक पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। नवरात्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने बताया कि उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से हस्तक्षेप कर जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने का आग्रह किया था। उनके अनुसार, विभिन्न विभागों की बैठक के बाद रविवार से पानी की आपूर्ति शुरू होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि पंप अब भी ठीक नहीं हुए हैं और जलापूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है।
उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर जलापूर्ति की स्थिति के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। सरयू राय ने कहा कि नदी से पानी खींचने, उसे साफ करने और फिर घरों तक पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना का किया जिक्र
मानगो की पेयजल व्यवस्था पर चर्चा करते हुए सरयू राय ने पुरानी पेयजल परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उनके प्रयासों से क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम हुआ था। जुस्को ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से परियोजना तैयार की थी। इसके बाद पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पानी पहुंचने लगा था।
उनके मुताबिक, इस परियोजना से मानगो के लोगों को राहत मिली थी और क्षेत्र में संपत्तियों के मूल्य में भी वृद्धि हुई थी। हालांकि, सरयू राय ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच पेयजल परियोजना की स्थिति बिगड़ती चली गई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में दोबारा जमशेदपुर पश्चिम से विधायक बनने के बाद सरकारी आदेश पर तीन पंप खरीदे गए थे, लेकिन डेढ़ साल के भीतर ही तीनों पंप खराब हो गए। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि व्यवस्था की खामियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
डोबो डैम से पानी लाने का दिया सुझाव
मानगो में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए सरयू राय ने डोबो डैम से पानी लाने का सुझाव दिया। उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई 45 मिनट की बहस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तत्कालीन मंत्री के सामने भी यह प्रस्ताव रखा था।
उनके अनुसार, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइपलाइन बिछाकर अपेक्षाकृत कम खर्च में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस सुझाव पर अब तक कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है।
सरयू राय ने एमजीएम अस्पताल को होने वाली जलापूर्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल को पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था के कारण मानगो के लोगों के हिस्से की जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।
विधायक के अनुसार, इस व्यवस्था से न तो एमजीएम अस्पताल की पानी संबंधी समस्या पूरी तरह दूर हुई और न ही मानगो के लोगों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। उन्होंने इसे अदूरदर्शितापूर्ण फैसला बताते हुए कहा कि इसका असर अस्पताल और मानगो के निवासियों, दोनों पर पड़ रहा है।
सड़कों के गड्ढों और एनएच-33 फ्लाईओवर निर्माण पर नाराजगी
मानगो की सड़कों की बदहाली और राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान उत्पन्न अव्यवस्था को लेकर भी सरयू राय ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि पांच दिनों से बारिश नहीं होने के बावजूद सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए हैं। वहीं, फ्लाईओवर निर्माण के कारण जगह-जगह जाम लग रहा है और उड़ती धूल से लोगों को परेशानी हो रही है।
सरयू राय के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मानगो से गुजरने वाले एनएच-33 पर लगभग आठ किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बना रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क के गड्ढों को भरने और धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनके मुताबिक इन दोनों कामों को अपेक्षित तरीके से पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि सड़क पर गड्ढे और धूल की समस्या आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना और लोगों को राहत देना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
विधायक ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से इस मामले का संज्ञान लेने और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
मानगो नगर निगम की बोर्ड बैठक, बजट और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल
सरयू राय ने मानगो नगर निगम के कामकाज को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगरपालिका अधिनियम के अनुसार नगर निगम बोर्ड की प्रत्येक महीने बैठक होनी चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक निगम के लगभग आठ महीने के कार्यकाल में अब तक केवल दो बैठकें हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अपने बजट और विभिन्न मदों में होने वाले खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं रखना चाहता। सरयू राय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली राशि का उपयोग पानी, सड़क, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाना चाहिए।
विधायक ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी हो रही है और लगातार टेंडर जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मानगो नगर निगम के कामकाज और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के मुद्दे पर वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनके अनुसार, नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए निगम को नियमित बैठकें करनी चाहिए और बजट तथा खर्च का विवरण जनता के सामने रखना चाहिए।
सट्टेबाजी और ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाएगा संगठन
फेसबुक लाइव के दौरान सरयू राय ने सट्टेबाजी और ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के संचालन के लिए एक संगठन तैयार किया गया है।
उन्होंने सेवानिवृत्त आईएएस (एलाइड) मनोज सिंह को इस अभियान का संयोजक बनाया है। संगठन का उद्देश्य सट्टेबाजी और नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ मुहिम चलाना है।
सरयू राय ने कहा कि सट्टेबाजी और ड्रग्स से संबंधित कई साक्ष्यों के साथ उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को जानकारी दी है। उन्होंने पुलिस से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।
विधायक के मुताबिक, सट्टेबाजी और नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं। इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
अपराधी गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत: सरयू राय
जमशेदपुर में आपराधिक गतिविधियों और पुलिस की कार्यशैली पर भी सरयू राय ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शहर में आपराधिक गिरोहों के बीच आपसी टकराव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन पुलिस अब तक इन गिरोहों पर पूरी तरह अंकुश लगाने में सफल नहीं हो पाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कुछ ऐसे लोगों की मदद करती है, जिनके साथ उसके संबंध अच्छे हैं, जबकि जिनसे पुलिस की अनबन है, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई न कोई बहाना तलाशा जाता है।
सरयू राय ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों का हौसला तोड़ने के लिए निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। कानून लागू करने वाली एजेंसियों को किसी भी तरह के पक्षपात से बचते हुए अपराध के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
जनसमस्याओं को लेकर अभियान जारी रखने का संकेत
फेसबुक लाइव में सरयू राय ने साफ संकेत दिया कि मुर्दा मैदान कचरा प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद वह मानगो की समस्याओं को उठाना बंद नहीं करेंगे। सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, सड़क निर्माण, फ्लाईओवर से जुड़ी परेशानियां और नगर निगम के कामकाज में कथित अनियमितताएं उनके प्रमुख मुद्दे बने रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वह मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं और कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। साथ ही, उन्होंने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और एजेंसियों से अपेक्षा की कि वे नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करें, ताकि मानगो के लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।




