
बहरागोड़ा में पारा शिक्षकों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
जमशेदपुर : झारखंड सरकार द्वारा पारा शिक्षकों की पदोन्नति के ऐतिहासिक निर्णय के बाद मंगलवार को बहरागोड़ा क्षेत्र के कई पारा शिक्षक झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी के आवासीय कार्यालय पहुँचे। इस दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन का विशेष आभार व्यक्त किया।
शिक्षकों ने कहा कि सरकार का यह फैसला न केवल वर्षों से लंबित मांग को पूरा करता है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। उनके अनुसार इस निर्णय से पारा शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, और गांवों के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा।
JSSC के माध्यम से 50% आरक्षण पर नियुक्ति—पारदर्शिता की दिशा में कदम
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नए शिक्षकों की 50% नियुक्ति में पारा शिक्षकों को आरक्षण के आधार पर JSSC परीक्षा के माध्यम से अवसर देने का निर्णय बेहद सराहनीय है। इससे योग्य पारा शिक्षकों को सम्मानजनक पदोन्नति और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल न सिर्फ शिक्षा विभाग में निष्पक्षता बढ़ाएगी, बल्कि लंबे समय से सेवा दे रहे पारा शिक्षकों को उनके योगदान के अनुरूप मान्यता भी दिलाएगी।
कुणाल षाड़ंगी बोले—ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता
पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि झामुमो सरकार हमेशा शिक्षा हितों के प्रति संवेदनशील रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
षाड़ंगी ने कहा कि इन्हीं उद्देश्यों के तहत अगले छह महीनों में 25,000 नए शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—राज्य का कोई भी विद्यालय शिक्षकों के अभाव में वंचित नहीं रहेगा।
शिक्षा व्यवस्था में नए उत्साह का संचार
पारा शिक्षकों ने सरकार के पदोन्नति निर्णय को शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे शिक्षकों में नई ऊर्जा आएगी। उनका कहना था कि इस फैसले से स्कूलों का शैक्षिक वातावरण और भी सकारात्मक बनेगा तथा बच्चों को बेहतर शिक्षण-सीखने का माहौल मिलेगा।





