जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिकों की बड़ी उपस्थिति; लाभुकों को योजनाओं का वितरण
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे—
सरयू राय, विधायक—जमशेदपुर पश्चिम
मंगल कालिंदी, विधायक—जुगसलाई
दोनों विधायकों ने राज्य की 25 वर्षीय विकास यात्रा, सरकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव और जनता की सहभागिता पर विस्तृत विचार व्यक्त किए।

जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी
समारोह में उपस्थित रहे—
कर्ण सत्यार्थी उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम
पीयूष पांडे वरीय पुलिस अधीक्षक
विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
पंचायत प्रतिनिधि
अधिकारियों ने जनता को योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं—
प्रधानमंत्री आवास योजना
उज्ज्वला योजना
स्वच्छ भारत मिशन
आयुष्मान भारत गोल्ड कार्ड
किसान सम्मान निधि
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना
लक्षित उन्मूलन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ
अधिकारियों ने बताया कि इन सभी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है।

लाभुकों के बीच प्रमाणपत्र और दस्तावेजों का वितरण
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा लाभुकों के बीच योजनाओं का वितरण, जिसमें शामिल थे—
आवास योजना की स्वीकृति पत्र
आयुष्मान भारत गोल्ड कार्ड
सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृतियाँ
कृषि व रोजगार से संबंधित दस्तावेज
विधायकों और अधिकारियों ने लाभुकों को सम्मानपूर्वक प्रमाण पत्र सौंपे और कहा कि हर पात्र व्यक्ति को बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
विधायकों का संबोधन

सरयू राय, विधायक – जमशेदपुर पश्चिम
उन्होंने कहा—
“राज्य गठन का मूल उद्देश्य ही यह था कि जनता को उनके अधिकारों के अनुरूप योजनाओं का लाभ मिले। प्रशासन को योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारना चाहिए।”

मंगल कालिंदी, विधायक – जुगसलाई
उन्होंने कहा—
“राज्य सरकार गरीब, किसान, मजदूर, युवाओं और महिलाओं के हित में कार्य कर रही है। स्थापना दिवस को विकास और जनकल्याण के नए संकल्प के रूप में मनाना चाहिए।”
झारखंडी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के अंत में आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने झारखंड की लोकसंस्कृति—गीत, नृत्य और पारंपरिक कला—का सुंदर प्रदर्शन किया।
पूरे सभागार में सांस्कृतिक उत्साह और राज्य की पहचान पर गर्व की भावना स्पष्ट झलक रही थी।





