
जमशेदपुर : सावन की अंतिम सोमवारी के पावन अवसर पर गोलमुरी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आस्था, भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में शिवभक्तों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
इस विशेष अवसर पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के निर्देश पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर जीर्णोद्धार समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच बिल्व पत्र और दूध का वितरण किया गया। समिति के इस सेवा कार्य को श्रद्धालुओं ने सराहा और इसे भगवान भोलेनाथ की भक्ति के साथ भक्तों की सेवा का सराहनीय प्रयास बताया।
पूजा-अर्चना के लिए उमड़े सैकड़ों श्रद्धालु
जल, दूध और बिल्व पत्र से किया भगवान शिव का अभिषेक
सावन की आखिरी सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध और बिल्व पत्र अर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में लगातार हो रहे हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय बना रहा।
सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं में विशेष धार्मिक उत्साह नजर आया। भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव का पूजन किया तथा मंदिर में अपनी आस्था प्रकट की।
बिल्व पत्र और दूध का किया गया वितरण
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर जीर्णोद्धार समिति की ओर से शिवभक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिल्व पत्र और दूध का वितरण किया गया। सेवा कार्य के दौरान श्रद्धालुओं के बीच सामग्री वितरित की गई, जिसे भक्तों ने श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया।
शिवभक्तों का मानना है कि सावन के महीने में भगवान शिव को बिल्व पत्र और दूध अर्पित करने का विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसे पवित्र अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच बिल्व पत्र और दूध का वितरण भक्ति के साथ सेवा भावना का भी प्रतीक बना।
श्रद्धालुओं के लिए भोग की भी रही व्यवस्था
खिचड़ी और खीर का प्रसाद ग्रहण किया हजारों भक्तों ने
पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए भोग एवं प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। इस दौरान हजारों भक्तों ने श्रद्धापूर्वक खिचड़ी और खीर को भोग के रूप में ग्रहण किया।
प्रसाद वितरण के दौरान मंदिर परिसर में आस्था के साथ अनुशासन और सामाजिक समरसता की तस्वीर देखने को मिली। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सेवा कार्य में सहयोग किया और प्रसाद ग्रहण किया।
भक्ति के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता का संदेश
सावन की अंतिम सोमवारी पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम ने श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर को भक्ति और आस्था से सराबोर कर दिया। पूजा-अर्चना, बिल्व पत्र एवं दूध वितरण और भोग-प्रसाद की व्यवस्था के माध्यम से आयोजन में सेवा, श्रद्धा और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी सामने आया।
श्रद्धालुओं ने सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों के साथ जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की सेवा की भावना समाज में सकारात्मक संदेश देती है। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।
आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में साकेत गौतम, असीम पाठक, सुमित, विकास कुमार, राहुल कुमार, समरेश कुमार, सुजीत झा, इन्द्रजीत सिंह, अभय सिंह, नीरज जी और पंकज सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा, सेवा कार्य और प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली। कार्यकर्ताओं की सक्रियता के कारण श्रद्धालुओं के बीच बिल्व पत्र, दूध और प्रसाद का वितरण व्यवस्थित तरीके से किया गया।
सावन की अंतिम सोमवारी बनी आस्था और सेवा का अवसर
सावन की आखिरी सोमवारी पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता का अवसर भी बना। शिवभक्ति, जयघोष, पूजन, बिल्व पत्र एवं दूध वितरण तथा खिचड़ी-खीर के प्रसाद ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।






