
श्रमायुक्त के समक्ष ओवरटाइम, गेट पास और बकाया भुगतान पर गहन चर्चा
जमशेदपुर : कोल्हान के उप श्रमायुक्त कार्यालय में शुक्रवार को M/s विवेक कंस्ट्रक्शन (संवेदना, टाटा स्टील) के 43 कामगारों—सर्वश्री दीपक प्रधान और अन्य—द्वारा उठाए गए गंभीर मुद्दों पर महत्वपूर्ण श्रम-वार्ता आयोजित की गई। बैठक उप श्रमायुक्त की अध्यक्षता में शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

कामगार पक्ष ने उठाए बड़े सवाल
सुनवाई के दौरान कामगारों ने कई प्रमुख आपत्तियाँ दर्ज कराईं, जिनमें सबसे अहम निम्न थीं:
- ओवरटाइम भुगतान डबल रेट से नहीं
कामगार पक्ष ने कहा कि
नियम अनुसार ओवरटाइम का भुगतान डबल रेट से होना चाहिए,
लेकिन प्रबंधन ने इसका पालन नहीं किया।
उन्होंने सभी भुगतान संबंधी दस्तावेजों की विभागीय जांच की मांग की।
- तीन कामगारों के प्रवेश पर रोक
कामगारों ने बताया कि
दीपक प्रधान, मनोज कुमार और श्रवण निषाद के गेट पास वैध होने के बावजूद
मुख्य प्रबंधन ने उनका परिसर में प्रवेश रोक दिया है।
इस पर श्रम विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है।

प्रबंधन केवल भुगतान सूची लाया, कामगारों ने दिया लिखित प्रत्युत्तर
बैठक में प्रबंधन की ओर से केवल भुगतान सूची (Payment Details) प्रस्तुत की गई, जिसकी प्रति कामगारों को दे दी गई।
इसके जवाब में कामगार पक्ष ने अपना लिखित स्थायी प्रत्युत्तर जमा किया, जिसकी प्रति प्रबंधन को सौंप दी गई।
श्रम विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश
उप श्रमायुक्त ने मामले में दोनों पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए:
प्रबंधन को निर्देश
29 नवंबर 2025 तक कामगारों के प्रत्युत्तर का विस्तृत जवाब प्रस्तुत करना अनिवार्य।
वर्क ऑर्डर की प्रमाणित प्रति विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
कामगार पक्ष को निर्देश
सभी कामगारों की ‘देनदारी/पावना सूची’ (Outstanding Dues Statement) विभाग को सौंपनी होगी।

जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ ने किया कामगार पक्ष का नेतृत्व
कामगारों की ओर से पक्ष की अगुवाई
जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के प्रतिनिधि राजीव पांडेय ने की।
उन्होंने कहा कि कामगारों के हक़ और बकाया भुगतान की लड़ाई जारी रहेगी।




