
रेल यात्री संघर्ष समिति के बैनर तले होगा आयोजन, यात्रियों से लिया जाएगा फीडबैक
जमशेदपुर यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के विरोध में रविवार को रेल यात्री संघर्ष समिति के बैनर तले एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया जाएगा। यह अभियान सुबह 10 बजे से टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में शुरू होगा।
रेल प्रशासन ने इस अभियान के लिए स्टेशन के मुख्य द्वार के दाहिनी ओर, रेलवे इंजन के पास से लगभग 50 कदम पहले स्थित स्थान को निर्धारित किया है। उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर 7 अप्रैल को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किया गया था। इस बार भी सरयू राय के अभियान में शामिल होने की संभावना है। उन्होंने रेल प्रशासन से सहयोग के लिए ट्वीट के माध्यम से आग्रह भी किया है।

वाइटबोर्ड पर हस्ताक्षर, QR कोड से डिजिटल जुड़ाव
रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह, जदयू के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव और महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने जानकारी दी कि अभियान के तहत यात्रियों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा।
रविवार सुबह 9:30 बजे से ही विभिन्न स्थानों से टाटानगर पहुंचने वाले यात्रियों से उनकी यात्रा से जुड़ा फीडबैक लिया जाएगा। यात्रियों से पूछा जाएगा कि उनकी ट्रेन किन-किन स्टेशनों पर रुकी, कितनी देर से पहुंची और देरी के पीछे संभावित कारण क्या रहे।
इसके साथ ही यात्रियों को एक विशेष पर्चा भी दिया जाएगा, जिसमें ये सभी सवाल दर्ज होंगे। इसी पर्चे पर एक QR कोड भी छपा होगा, जिसे स्कैन कर यात्री इस अभियान से डिजिटल रूप से भी जुड़ सकेंगे।
10 समूहों में बंटे कार्यकर्ता, हर प्रवेश द्वार पर मौजूदगी
आयोजकों के अनुसार, रेलवे स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर कुल 15-15 कार्यकर्ताओं की टीम तैनात रहेगी। ऐसे कुल 10 समूह बनाए गए हैं, जो यात्रियों से बातचीत कर उन्हें पर्चे वितरित करेंगे और हस्ताक्षर अभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।
अभियान का उद्देश्य: रेलवे अधिकारियों तक पहुंचे यात्रियों की आवाज
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को हो रही परेशानियों को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना है। ट्रेनों की देरी से आम यात्रियों को हो रही असुविधा को लेकर ठोस फीडबैक एकत्र किया जाएगा, ताकि इस समस्या के समाधान के लिए दबाव बनाया जा सके।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रेलवे प्रशासन इस जनहित अभियान में सहयोग करेगा और यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।






