जमशेदपुर : टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच गुरुवार को बहुप्रतीक्षित बोनस समझौता संपन्न हो गया। इस समझौते के तहत, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी के विभिन्न प्रभागों और इकाइयों में कार्यरत 25,907 पात्र कर्मचारियों को कुल 303.13 करोड़ रुपये का बोनस दिया जाएगा।
बोनस समझौते पर इन्होंने किया हस्ताक्षर
यह समझौता टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन, चीफ पीपुल ऑफिसर आत्रेयी सान्याल, उप श्रमायुक्त अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। वहीं टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, महासचिव सतीश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष शहनवाज आलम, सहायक सचिव नितेश राज, और कोषाध्यक्ष अमोद दुबे ने उप श्रम आयुक्त अरविंद कुमार की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।
फार्मूला से बोनस प्रतिशत में कमी, लेकिन प्रबंधन ने दिखाई दरियादिली
इस वर्ष कर्मचारियों को 16.68% के हिसाब से बोनस मिला है, जो कि पिछले वर्ष के 17.89% से 1.21% कम है। इसके बावजूद, यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी और उनकी टीम के आग्रह पर कंपनी ने 30.30 करोड़ रुपये अतिरिक्त देकर उदारता दिखाई, जिससे कुल बोनस राशि पिछले वर्ष के बराबर हो गई। बोनस में प्रतिशत कम दिख रहा है पर आंकड़े के अनुसार कर्मचारियों की संख्या कम हो जाने से बोनस के8 राशि कुछ बढ़ी हुई दिखेगी।
एन एस खेमा असंतुष्ट, जताया विरोध
यूनियन के पदाधिकारी इस बोनस को जहां अपनी उपलब्धि मान रहे हैं, वहीं एन एस ग्रेड से जुड़े यूनियन के पदाधिकारी इससे असंतुष्ट रहे, विरोध जताया पर बाद में समझने से मान गए। बोनस की राशि जो प्रबंधन ने यूनियन के आग्रह पर बढ़कर दी उसके साथ लगाए गए एक शर्तों में यह भी शामिल है कि भविष्य में कर्मचारी शत-प्रतिशत सहयोग देंगे और खर्चों में कटौती के प्रयासों का समर्थन करेंगे। वैसे ग्रेड बिना और अन्य समझौते में इसे सामान्य रूप से भी लिया जाता है।



