विकासपरक पत्रकारिता पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार
“निष्पक्ष होकर कोई अखबार विकास की दिशा तय नहीं कर सकता” – विधायक सरयू राय
जमशेदपुर : वरिष्ठ पत्रकार आनंद सिंह की नवीनतम पुस्तक ‘समय के साथ’ का लोकार्पण समारोह भव्य रूप से मिलानी हॉल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ‘हिंदी पत्रकारिता में विकासपरक रिपोर्टिंग का स्थान’ विषय पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय, प्रभात खबर के संपादक संजय मिश्रा, न्यू इस्पात मेल के संपादक चंद्र भूषण सिंह, चमकता आईना के संपादक जय प्रकाश राय, राजेन्द्र विद्यालय के उपाध्यक्ष एस.के. सिंह तथा जनता दल (यू) के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव मंचासीन थे।

क्या बोले सरयू राय?
विधायक सरयू राय ने कहा:
“कोई भी अखबार पूरी तरह निष्पक्ष होकर विकास की दिशा तय नहीं कर सकता। हां, वह उस दिशा की समीक्षा और मीमांसा जरूर कर सकता है।”
उन्होंने कहा कि अखबार के हर पन्ने में विकासपरक खबरें खोज पाना व्यावहारिक नहीं, लेकिन समस्या और समाधान से जुड़ी खबरें भी विकासपरक रिपोर्टिंग का ही हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज के तकनीकी युग में पत्रकारिता के तरीके और पाठकों की रुचियां बदल गई हैं, जिसका असर साफ तौर पर विकासपरक पत्रकारिता पर पड़ा है।

“हिंदी के अखबार छाप रहे हैं सबसे ज्यादा विकासपरक खबरें” – संजय मिश्रा
प्रभात खबर के संपादक संजय मिश्रा ने जोर देकर कहा:
“भारत में अगर सबसे ज्यादा डेवलेपमेंटल न्यूज कोई छाप रहा है, तो वो हिंदी के अखबार हैं। करीब 65% खबरें इस श्रेणी में आती हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है।”
उन्होंने इसे भारतीय पत्रकारिता की सकारात्मक दिशा करार दिया।

“विकासपरक पत्रकारिता है ज़रूरी लेकिन खर्चीली” – चंद्र भूषण सिंह
न्यू इस्पात मेल के संपादक चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि विकासपरक पत्रकारिता आज के समय की आवश्यकता बन चुकी है। लेकिन इस तरह की पत्रकारिता को जमीन पर लाना आसान नहीं है क्योंकि यह एक महंगा और मेहनतभरा उपक्रम है।

“गांव-तहसीलों से ही आती हैं असली विकास की खबरें” – जय प्रकाश राय
चमकता आईना के संपादक जय प्रकाश राय ने कहा:
“छोटे गांवों और तहसीलों से अधिकतर विकासपरक खबरें आती हैं, जबकि बड़े शहरों में इसका अभाव देखा जाता है। अब समय आ गया है कि सभी पत्रकार एकजुट होकर इस दिशा में सोचें।”

“हर मीडिया में हो विकास की पत्रकारिता” – सुबोध श्रीवास्तव
जनता दल (यू) के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने आनंद सिंह को उनकी पुस्तक के लिए बधाई देते हुए कहा कि हर मीडिया हाउस को विकास केंद्रित पत्रकारिता को बढ़ावा देना चाहिए।

लेखक आनंद सिंह एक नजर में
नामः आनंद सिंह
शिक्षाः जगन्नाथ जैन कॉलेज, झुमरीतिलैया से अर्थशास्त्र में स्नातक (ऑनर्स)
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिग्री
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय से क्रिएटिव राइटिंग में डिप्लोमा
अनुभवः आवाज, लोकमत समाचार, राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान, पूर्वांचल प्रहरी, सेंटिनल, हिमाचल दस्तक, शुभम संदेश, राष्ट्रीय नवीन मेल जैसे अखबारों में काम करने का अनुभव.
संप्रतिःजमशेदपुर पश्चिमी के विधायक श्री सरयू राय के संरक्षण में प्रकाशित पर्यावरण केंद्रित मासिक पत्रिका युगांतर प्रकृति का प्रधान संपादक
पताः एमआइजी 280, सिद्धार्थ इन्क्लेव, तारामंडल रोड, गोरखपुर, 273017
जन्म स्थलीः झुमरीतिलैया (कोडरमा जिला, झारखंड)


मंच संचालन और धन्यवाद
इस अवसर पर कार्यक्रम का मंच संचालन चंद्रदीप पांडेय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन अशोक गोयल द्वारा प्रस्तुत किया गया।



