
लाभुकों की समस्याओं पर विधायक, अधिकारियों और प्रोजेक्ट प्रबंधन के बीच अहम बैठक

जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बने आवासों की चाबी वितरण को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें 75 से अधिक लाभुक शामिल हुए।
बैठक में जेएनएसी (JNAC) के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार और जुडको (JUDCO) के प्रोजेक्ट मैनेजर धनंजय कुमार भी उपस्थित रहे। चर्चा का मुख्य मुद्दा था—अधूरे बुनियादी कार्यों के कारण लाभुकों को अब तक मकानों की चाबी नहीं मिल पाना।
अधूरे हैं सड़क, नाली और ड्रेनेज के काम
बैठक के दौरान विधायक सरयू राय ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क, नाली और ड्रेनेज जैसे बुनियादी कार्य पूरे नहीं होते, तब तक प्रोजेक्ट का हस्तांतरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इन कार्यों की शुरुआत जल्द होती है, तो वह संबंधित मंत्री से मिलकर लाभुकों को जल्द चाबी दिलाने का प्रयास करेंगे।
वहीं, प्रोजेक्ट मैनेजर धनंजय कुमार ने जानकारी दी कि ड्रेनेज निर्माण की योजना अब अंतिम चरण में है और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर ड्रेनेज का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृति लंबित है, लेकिन वैकल्पिक रूप से फ्लाई ऐश बिछाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि आवागमन में दिक्कत न हो।
“आठ साल से इंतजार, कब मिलेगा घर?”—लाभुकों का फूटा गुस्सा
प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर लाभुकों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लाभुकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्ष 2023 में ही गृह प्रवेश का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब 2026 आ गया है और स्थिति जस की तस है। एक लाभुक ने भावुक होते हुए कहा कि “कई लोग इस इंतजार में दुनिया छोड़ चुके हैं, कहीं हम भी उसी राह पर न चल पड़ें।”
बैठक के दौरान कुछ महिला लाभुक रो पड़ीं और अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्षों से आश्वासन मिल रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदल रही।

“धैर्य रखें, सिस्टम के तहत ही होगा काम”—उप नगर आयुक्त
उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने कहा कि जब तक जुडको सभी बुनियादी कार्य पूरे कर प्रोजेक्ट जेएनएसी को हस्तांतरित नहीं करता, तब तक चाबी वितरण संभव नहीं है। उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे धैर्य रखें और किसी भी तरह का निर्णय स्वयं न लें।
31 मई तक की समयसीमा तय, नहीं तो अनशन की चेतावनी
बैठक में अंततः यह सहमति बनी कि 31 मई तक सड़क, नाली और ड्रेनेज का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक औपचारिक कार्यक्रम आयोजित कर लाभुकों को चाबी सौंपी जाएगी।
विधायक सरयू राय ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 31 मई तक कार्य पूरा नहीं होता और चाबी नहीं दी जाती, तो वह 1 जून से अनशन पर बैठेंगे।

मीटर कनेक्शन शुल्क पर भी उठा सवाल
बैठक में बिजली मीटर कनेक्शन शुल्क को लेकर भी असमानता का मुद्दा सामने आया। लाभुकों ने बताया कि रांची में मीटर मुफ्त दिया गया, बोकारो में 1500 रुपये लिए गए, जबकि जमशेदपुर में 13,600 रुपये वसूले जा रहे हैं। इस पर सरयू राय ने तत्काल बोकारो के उपायुक्त से फोन पर संपर्क कर तथ्य की जानकारी ली।
“पहले चाबी दें, बाकी काम बाद में करें”—लाभुकों की मांग
लाभुकों ने अधिकारियों से मांग की कि उन्हें पहले मकानों की चाबी दी जाए, ताकि वे अपने घर में प्रवेश कर सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे निर्माण कार्य में बाधा नहीं डालेंगे। कई लाभुकों ने बताया कि उन्होंने 6 मई को गृह प्रवेश की तैयारी भी कर ली है।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार ही पूरी होंगी और प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद ही चाबी सौंपी जाएगी।




