
356 आजीवन सदस्यों की मौजूदगी में कई अहम प्रस्तावों पर हुई चर्चा, दो प्रस्ताव पारित तो नामांकन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव हुआ खारिज
जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित मिथिला सांस्कृतिक परिषद परिसर में शनिवार, 12 जुलाई 2025 को परिषद की वार्षिक आमसभा गरिमामय वातावरण में आयोजित की गई। आमसभा में परिषद के 356 आजीवन सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान संगठन की वार्षिक गतिविधियों, वित्तीय रिपोर्ट, भविष्य की योजनाओं तथा आगामी चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
महाकवि विद्यापति को पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत परिषद के अध्यक्ष मोहन ठाकुर, महासचिव धर्मेश कुमार झा, कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार झा, पूर्व अध्यक्ष जीवछ झा एवं लक्ष्मण झा, कार्यकारिणी सदस्यों तथा अन्य गणमान्य सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित कर और महाकवि विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की।
इसके बाद पंडित विपिन झा ने स्वस्तिवाचन किया, जबकि शंकर झा ने भगवती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन राजेश कुमार झा (सिदगोड़ा) ने किया, जबकि आमसभा की कार्यवाही का लेखा-जोखा गोपाल चंद्र झा (आदित्यपुर) ने तैयार किया।
सहायक महासचिव ने किया स्वागत, पिछली आमसभा की कार्यवाही को मिली मंजूरी
आमसभा में उपस्थित सभी आजीवन सदस्यों का स्वागत सहायक महासचिव शिव चंद्र झा ने किया। इसके बाद सहायक महासचिव राजेंद्र कुमार कर्ण ने वर्ष 2025 की पिछली आमसभा की कार्यवाही सदन के समक्ष पढ़ी। सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कार्यवाही का अनुमोदन किया।
इसके उपरांत अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने अध्यक्षीय संबोधन में परिषद की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार रखे।
महासचिव ने प्रस्तुत की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट
महासचिव धर्मेश कुमार झा ने परिषद द्वारा पिछले एक वर्ष के दौरान किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि परिषद लगातार मिथिला की संस्कृति, भाषा और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही है।
आमसभा में रखे गए तीन प्रस्ताव, दो को मिली मंजूरी
बैठक के दौरान सदस्य पंकज कुमार राय ने आमसभा के समक्ष तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।
पहले प्रस्ताव में अध्यक्ष और महासचिव को 50 हजार रुपये तक की राशि आवश्यक कार्यों के लिए खर्च करने का अधिकार देने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे बाद में कार्यकारिणी से अनुमोदित कराने की व्यवस्था भी तय की गई। इस प्रस्ताव को आमसभा ने स्वीकृति प्रदान की।
दूसरे प्रस्ताव में कार्यकारिणी का कार्यकाल दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर चर्चा के बाद आमसभा ने इसे भी मंजूरी दे दी।
तीसरे प्रस्ताव में चुनाव के लिए नामांकन शुल्क 1,100 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने का सुझाव रखा गया, लेकिन व्यापक चर्चा के बाद आमसभा ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
वित्तीय रिपोर्ट को मिली सर्वसम्मति से मंजूरी
कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार झा ने परिषद का वार्षिक आय-व्यय विवरण और वित्तीय प्रतिवेदन सदन के समक्ष रखा। विस्तृत चर्चा के बाद आमसभा ने वित्तीय रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
इसके बाद परिषद के विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार और संगठन को अधिक मजबूत बनाने के लिए आजीवन सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए। कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर नई कार्यकारिणी द्वारा विचार किए जाने की बात कही गई।

कार्यकारिणी भंग, 2 अगस्त को होगा चुनाव
दो वर्षीय कार्यकाल पूरा होने के बाद अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने वर्तमान कार्यकारिणी को औपचारिक रूप से भंग करने की घोषणा की।
इसके बाद आगामी चुनाव प्रक्रिया के लिए अशोक झा ‘अविचल’, सरोज कांत झा और दीपक कुमार झा को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया।
चुनाव पर्यवेक्षक अशोक झा ‘अविचल’ ने घोषणा की कि मिथिला सांस्कृतिक परिषद की वर्ष 2026-2028 की नई कार्यकारिणी का चुनाव 2 अगस्त 2025 को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक जानकारी शीघ्र जारी की जाएगी।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में परिषद के उपाध्यक्ष आकाश चंद्र मिश्र ने सभी आजीवन सदस्यों, पदाधिकारियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आमसभा को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया, जिसके बाद बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई।
इन कार्यकारिणी सदस्यों की रही उल्लेखनीय भूमिका
आमसभा के सफल आयोजन में परिषद के अनेक कार्यकारिणी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें धर्मेश कुमार झा, राजेश कुमार झा, दिलीप कुमार झा (सिदगोड़ा), ललन चौधरी, गोपाल चंद्र झा, अनिल कुमार झा, पंकज कुमार राय, अमितेश इस्सर (आदित्यपुर), राजेंद्र कुमार कर्ण, चंद्र भाल झा, प्रमोद कुमार दास (बारीडीह), राजेश कुमार झा, नवीन कुमार झा (जेमको), रंजीत झा, शिव चंद्र झा, प्रमोद कुमार झा, संजीव कुमार झा, विवेकानंद झा (बागबेड़ा), आकाश मिश्र, देवेंद्र झा (बिष्टुपुर), माला चौधरी, गोपालजी चौधरी (साकची), अमर कुमार झा, विवेकानंद झा (सोनारी), किशोर कुमार झा, शंकरनाथ झा, अमित चौधरी, अखिलेश झा (कदमा), मोहन ठाकुर, पंडित विपिन झा (मानगो), मिथिलेश कुमार झा (गोविंदपुर), कैलाश झा एवं विलास झा (गोलमुरी) शामिल रहे। सभी के सामूहिक सहयोग से आमसभा का सफल संचालन संभव हो सका।





