
मानगो में कचरा डंपिंग से हालात चिंताजनक, दुर्गंध और गंदे पानी से परेशान लोग
कचरा प्रबंधन के लिए बंद शेड और कॉम्पैक्टर लगाने का सुझाव, नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग
जमशेदपुर : मानगो के वसुंधरा एस्टेट, स्वर्णरेखा फ्लैट और आसपास की आवासीय बस्तियों में रहने वाले लोगों की शिकायत पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय मंगलवार को कचरा डंपिंग स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। मानगो नगर निगम द्वारा घरों और सड़कों से उठाए गए कूड़े-कचरे को जिस स्थान पर डंप किया जा रहा है, वहां की स्थिति देखने के बाद उन्होंने हालात को चिंताजनक बताया।
सरयू राय ने कहा कि खुले में कचरा जमा होने के कारण इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कचरे से निकलने वाले गंदे पानी के रिसाव को भी गंभीर समस्या बताया। उनके अनुसार, यह गंदा पानी रिसकर स्वर्णरेखा फ्लैट की ओर जा रहा है। मंदिर के आसपास काला और दुर्गंधयुक्त पानी जमा होने के साथ-साथ चापाकल के पास भी इसके जमा होने की बात सामने आई है।

कचरे से निकल रहे गंदे पानी को लेकर चिंता
निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने कहा कि कचरा डंपिंग स्थल से निकलने वाले गंदे पानी का उचित प्रबंधन नहीं होने के कारण समस्या आसपास के क्षेत्र तक फैल रही है। आवासीय इलाके के नजदीक खुले में कचरा जमा होने से दुर्गंध के साथ स्वच्छता और पर्यावरण को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि उनके साथ मौके पर गए दो लोगों ने भी वहां पहुंचने के बाद शारीरिक परेशानी महसूस की। सरयू राय के अनुसार, एक व्यक्ति की कोहनी में अचानक खुजली होने लगी। इसके बाद वहां सूजन और जलन की शिकायत हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कचरा डंपिंग से आसपास के वातावरण में किसी हानिकारक तत्व का प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है।
पहले की जगह पर आपत्ति के बाद दूसरी तरफ डंप किया जा रहा कचरा
सरयू राय ने बताया कि खाली जमीन के जिस हिस्से में पहले कचरा डंप किया जा रहा था, वहां रहने वाले लोगों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद कचरे को दूसरी तरफ डंप किया जाने लगा। नया डंपिंग क्षेत्र स्वर्णरेखा फ्लैट के आसपास स्थित है।
इसी क्षेत्र में स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के एक डिवीजन के कार्यपालक अभियंता का कार्यालय भी है। निरीक्षण के दौरान कार्यालय के कर्मचारी भी बाहर आए और उन्होंने कचरा डंपिंग से होने वाली परेशानी की जानकारी विधायक को दी।
कर्मचारियों का कहना था कि कचरा कार्यालय की चौखट तक पहुंच जाता है। इसके अलावा आसपास फैली दुर्गंध के कारण कार्यालय में काम करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों ने कचरे के व्यवस्थित निस्तारण और क्षेत्र की साफ-सफाई की जरूरत बताई।
15 दिन में व्यवस्था बदलने का आश्वासन, फिर भी समस्या बरकरार
सरयू राय के अनुसार, करीब एक माह पहले मानगो नगर निगम की मेयर ने भी इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उस समय 15 दिनों के भीतर कचरा डंपिंग की व्यवस्था को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की बात कही गई थी।
विधायक ने कहा कि निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनके अनुसार, जिस स्थान पर पहले कचरा डंप किया जाता था, वहां भी अब तक कचरा डंप किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों की परेशानी बनी हुई है।
नगर निगम अधिकारी से फोन पर बातचीत, तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव
मौके पर निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने मानगो नगर निगम के एक जिम्मेदार अधिकारी से फोन पर बात की। उन्होंने कचरा डंपिंग की मौजूदा व्यवस्था के स्थान पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि मैदान के एक हिस्से में चारों तरफ से बंद टीन का शेड बनाया जा सकता है। इस शेड के भीतर दो कॉम्पैक्टर लगाए जाएं। घरों और सड़कों से उठाया गया कचरा वहां पहुंचने के बाद खुले में फैलाने के बजाय तुरंत कॉम्पैक्ट किया जाए और इसके बाद निर्धारित स्थान पर भेजा जाए।
सरयू राय ने विशेष रूप से गीले कचरे से निकलने वाले पानी की समस्या पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे कचरे से निकलने वाला गंदा पानी बाहर फैलकर आवासीय क्षेत्र की ओर न जाए। इससे दुर्गंध और गंदे पानी के फैलाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
इंदौर और भोपाल के कचरा ट्रांसफर स्टेशन का दिया उदाहरण
सरयू राय ने कहा कि उन्होंने इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में जाकर वहां के कचरा ट्रांसफर स्टेशनों की व्यवस्था देखी है। उनके अनुसार, इन जगहों पर स्थायी रूप से दो-तीन कॉम्पैक्टर लगाए गए हैं और कचरे को व्यवस्थित तरीके से प्रोसेस कर आगे भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि मानगो नगर निगम तत्काल ट्रांसफर स्टेशन जैसी पूरी व्यवस्था तैयार नहीं कर सकता, तो कम से कम एक दालाननुमा ढांचा बनाया जाए, जो चारों ओर से ढंका हो। कचरे को खुले मैदान में रखने के बजाय उसे ढंके हुए स्थान पर रखा जाए और वहां से जल्द से जल्द आगे भेजने की व्यवस्था की जाए।
आवासीय क्षेत्र के बीच खुले में कचरा डंपिंग पर उठे सवाल
सरयू राय ने कहा कि आवासीय क्षेत्र के बीच खुले में कचरा डंप किए जाने से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन की व्यवस्था केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसके अस्थायी भंडारण, कॉम्पैक्ट करने, गंदे पानी को नियंत्रित करने और अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित होनी चाहिए।
उन्होंने मानगो नगर निगम से इस समस्या का स्थायी और वैज्ञानिक समाधान निकालने की मांग की, ताकि वसुंधरा एस्टेट, स्वर्णरेखा फ्लैट और आसपास की आवासीय बस्तियों के लोगों को कचरे की दुर्गंध और गंदे पानी की समस्या से राहत मिल सके।





