
श्रमिकों को बिना नोटिस हटाया, वेतन-ओटी और ग्रेच्युटी अब तक बकाया
जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के महामंत्री राजीव पांडे ने उठाया है मुद्दा
जमशेदपुर : औद्योगिक इकाई Linde India Limited (पूर्व नाम—BOC India Limited), बर्मामाइंस में श्रमिक अधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला सामने आया है।
कंपनी के संवेदक मेसर्स साई इंजीनियरिंग के अधीन पिछले 8–10 वर्षों से कार्यरत श्रमिक श्री राणा प्रताप और श्री सीरिप हेंब्रम को अचानक कार्य से हटा दिया गया।
दोनों श्रमिकों को न तो पूर्व सूचना दी गई और न ही कोई वैध कारण बताया गया। इसके साथ ही उनका—
बकाया वेतन,
ओवरटाइम (OT) राशि,
और ग्रेच्युटी—
अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
श्रमिक संगठनों के अनुसार यह घटना श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन और मानवाधिकारों का गंभीर हनन है। जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के महामंत्री राजीव पांडे ने इस मुद्दे को श्रम विभाग में उठाया है।

श्रम विभाग के बार-बार पत्राचार के बावजूद कार्रवाई नहीं
सूत्रों के अनुसार, श्रम विभाग पिछले कई वर्षों से कंपनी प्रबंधन को पत्र भेजकर मामले के समाधान के लिए निर्देशित करता रहा है, लेकिन अब तक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थिति बिगड़ने पर मामला लेबर सेक्रेट्री तक पहुंचा। सेक्रेट्री ने इस गंभीर शिकायत पर संज्ञान लिया है और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
श्रमिकों की मुख्य मांगें
आवेदन और शिकायत में श्रमिकों की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
- पूर्व पद पर पुनः नियुक्ति
दोनों श्रमिक वर्षों से स्थायी प्रकृति का कार्य कर रहे थे। अतः उन्हें पुनः उसी पद पर बहाल किया जाए।
- सभी बकाया राशि का भुगतान
वेतन, ओवरटाइम और ग्रेच्युटी—सभी बकाया तुरंत अदा किए जाएं।
- 15 दिनों की समयसीमा
यदि 15 दिनों के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो श्रमिक संगठन आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु बाध्य होंगे।





