
काशीडीह से पैदल हजारों लोगों ने लिया हिस्सा, भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह ने कहा- राष्ट्र की अखंडता से कोई समझौता नहीं
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में आम बागान स्थित नेताजी सुभाष मैदान से निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगी इस यात्रा के दौरान ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पैदल इस यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने काशीडीह से पैदल यात्रा की शुरुआत करते हुए कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न मार्गों से होते हुए तिरंगा यात्रा में सहभागिता की।
काशीडीह से साकची तक पैदल पहुंचे अभय सिंह
अभय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का समूह काशीडीह से पैदल आगे बढ़ा। यह जत्था धीरे-धीरे सहित चौक, बसंत टॉकीज और साकची गोलचक्कर होते हुए आगे बढ़ा और अंततः सुभाष मैदान पहुंचकर भाजपा जमशेदपुर महानगर की मुख्य तिरंगा यात्रा में शामिल हो गया।
पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था। देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगीतों से माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी यात्रा का स्वागत किया।
‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा शहर
तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों ने पूरे उत्साह के साथ ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। हजारों लोगों की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक जनभागीदारी वाला कार्यक्रम बना दिया।
अभय सिंह ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी उतना ही जरूरी है।
9 अगस्त 1942 के ऐतिहासिक दिन को किया याद
अभय सिंह ने कहा कि आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 9 अगस्त 1942 को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ा था। इसी दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन ने निर्णायक रूप लिया और ‘करो या मरो’ का आह्वान देशवासियों में नई ऊर्जा और संघर्ष की भावना लेकर आया।
उन्होंने कहा कि 9 अगस्त का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उस दौर की याद दिलाता है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में अंग्रेजी शासन के खिलाफ आंदोलन की लहर तेज हुई थी। देश के अनेक महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका और स्वतंत्रता की लड़ाई को जन-आंदोलन का रूप दिया।
स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से प्रेरणा लेने की जरूरत
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आजादी केवल राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान था। इसलिए वर्तमान पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके मूल्यों को समझने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा जैसे आयोजनों का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर चलना नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों को याद करना और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सम्मान देना भी है।
‘भारत की अखंडता को तोड़ने की कोशिश सफल नहीं होने देंगे’
अभय सिंह ने कहा कि आज भी भारत के सामने विभिन्न चुनौतियां मौजूद हैं। समय-समय पर विदेशी शक्तियों द्वारा देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने के प्रयास किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए देशवासियों को हमेशा सजग रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्र को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा और देश की अखंडता को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
नई पीढ़ी को ‘जन गण मन’ के साथ ‘वंदे मातरम’ का महत्व भी समझाना जरूरी
अभय सिंह ने कहा कि आज आवश्यकता है कि बच्चों और युवाओं को देश के राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को ‘जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता’ के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के महत्व और उसके ऐतिहासिक योगदान के बारे में भी पढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान केवल गीत नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे भारत के स्वतंत्रता संघर्ष, राष्ट्रीय चेतना और देश के प्रति समर्पण का लंबा इतिहास जुड़ा हुआ है।
तिरंगा यात्रा ने दिया राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश
जमशेदपुर में निकली इस तिरंगा यात्रा में हजारों लोगों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक रूप दिया। काशीडीह से लेकर साकची और सुभाष मैदान तक यात्रा के दौरान जगह-जगह देशभक्ति का माहौल नजर आया।
तिरंगे के साथ पैदल आगे बढ़ते कार्यकर्ताओं और लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को याद किया तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यात्रा के दौरान गूंजते ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों ने लौहनगरी में राष्ट्रभक्ति का माहौल और गहरा कर दिया।
अभय सिंह ने कहा कि आज के दौर में भी तिरंगा यात्रा की प्रासंगिकता बनी हुई है। देश की नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास, शहीदों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।






