
अचानक हुई कार्रवाई से उथल-पुथल, सैकड़ों परिवार बेघर

जमशेदपुर : भुईयांडीह स्वर्णरेखा बर्निंग घाट गोलचक्कर के पास सड़क चौड़ीकरण के नाम पर जिला प्रशासन और टाटा स्टील यूआईएसएल की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए अतिक्रमण मुक्त अभियान ने इलाके में भारी मानवीय संकट खड़ा कर दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई बिना पूर्व सूचना, माइकिंग या सीमांकन के शुरू की गई, जिसके चलते कई घर और दुकानें कुछ ही घंटों में ढहा दी गईं। लोग अपने घर से जरूरी सामान तक नहीं निकाल पाए और ठंड के बीच खुले आसमान तले रहने को मजबूर हो गए।
इन हालातों ने प्रभावित परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू पहले दिन से मैदान में हैं और लगातार पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विधायक की मुलाकात, रखीं तीन बड़ी मांगें
रांची जाकर दी पूरी घटना की जानकारी
प्रभावित परिवारों से सीधे मुलाकात के बाद विधायक साहू शुक्रवार को रांची पहुँचीं, जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात कर भुईयांडीह स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। इस मुलाकात के दौरान गांडेय की विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
विधायक की प्रमुख मांगें
- प्रभावित परिवारों का तत्काल पुनर्वास
- ठंड में अस्थायी आश्रय, भोजन-पानी व राहत सामग्री उपलब्ध कराना
- भविष्य में किसी भी अतिक्रमण कार्रवाई से पहले स्पष्ट सीमांकन और पूर्व सूचना सुनिश्चित करना
विधायक ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि अचानक कार्रवाई के कारण दर्जनों परिवारों को खुले में रात बितानी पड़ी है। इसे उन्होंने “मानवीय दृष्टिकोण से अनुचित” बताया।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे जमशेदपुर के जिला उपायुक्त से बात करेंगे और आवश्यक राहत व पुनर्वास कार्य को जल्द शुरू कराया जाएगा।
CM हेमंत सोरेन से विधायक की मुलाकात, रखीं तीन बड़ी मांगें
रांची जाकर दी पूरी घटना की जानकारी
प्रभावित परिवारों से सीधे मुलाकात के बाद विधायक साहू शुक्रवार को रांची पहुँचीं, जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात कर भुईयांडीह स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। इस मुलाकात के दौरान गांडेय की विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
विधायक की प्रमुख मांगें
- प्रभावित परिवारों का तत्काल पुनर्वास
- ठंड में अस्थायी आश्रय, भोजन-पानी व राहत सामग्री उपलब्ध कराना
- भविष्य में किसी भी अतिक्रमण कार्रवाई से पहले स्पष्ट सीमांकन और पूर्व सूचना सुनिश्चित करना
विधायक ने CM को यह भी बताया कि अचानक कार्रवाई के कारण दर्जनों परिवारों को खुले में रात बितानी पड़ी है। इसे उन्होंने “मानवीय दृष्टिकोण से अनुचित” बताया।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे जमशेदपुर के जिला उपायुक्त से बात करेंगे और आवश्यक राहत व पुनर्वास कार्य को जल्द शुरू कराया जाएगा।

जमशेदपुर लौटकर विधायक ने की DC से मुलाकात
रांची से वापस आते ही विधायक पूर्णिमा साहू सीधे उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के कार्यालय पहुँचीं। उन्होंने कहा कि ठंड में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए घर तोड़ना अमानवीय है और इससे कई परिवार गहरे संकट में हैं। उपायुक्त से उन्होंने मांग रखा कि
प्रभावितों के लिए तत्काल भोजन, पानी और टेंट/अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराना
सभी परिवारों की शीघ्र पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करना
प्रभावित परिवारों की सूची लेने व प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई
उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि राहत और पुनर्वास की पहल जल्द प्रारंभ कर दी जाएगी और विधायक से प्रभावित परिवारों की सटीक सूची उपलब्ध कराने को कहा।





