
अभय सिंह बोले- चुनावी वादे के नाम पर महिलाओं का विश्वास जीता, अब नियम बदलकर लाखों लाभार्थियों को किया बाहर
जमशेदपुर : झारखंड में मैय्या सम्मान योजना को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हेमंत सोरेन सरकार पर महिलाओं के साथ वादा खिलाफी करने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सरकार ने चुनाव के समय मैय्या योजना के माध्यम से राज्य की महिलाओं से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद लाखों महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया।
भाजपा ने उठाए कई सवाल
अभय सिंह ने दावा किया कि यदि पहले योजना के तहत लगभग 56 लाख महिलाओं को लाभार्थी बताया गया था और अब यह संख्या घटकर 50 लाख रह गई है, तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर करीब 6 लाख महिलाओं के नाम किस आधार पर हटाए गए। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि झारखंड की महिलाओं के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मैय्या योजना को प्रमुख चुनावी वादा बनाकर महिलाओं का समर्थन हासिल किया गया, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने नए नियम और शर्तें लागू कर बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना से वंचित कर दिया।
चुनावी घोषणा-पत्र का किया उल्लेख
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनावी घोषणा-पत्र में यह वादा किया गया था कि झारखंड की महिलाओं को मैय्या योजना का लाभ दिया जाएगा। उनके अनुसार, उस समय यह नहीं बताया गया था कि बाद में पात्रता के लिए अतिरिक्त नियम या प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार चुनाव के बाद नई शर्तों के आधार पर लाभार्थियों की संख्या कम करती है, तो यह चुनावी वादों की भावना के विपरीत है और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।
महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप
अभय सिंह ने कहा कि झारखंड की कुल आबादी लगभग 3 करोड़ 25 लाख है, जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 75 लाख मानी जाती है। ऐसे में उनका आरोप है कि सरकार ने सभी महिलाओं को योजना का लाभ देने का वादा किया था, लेकिन अब सीमित संख्या तक ही लाभ पहुंच रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले महिलाओं का समर्थन प्राप्त किया और बाद में पात्रता के नाम पर बड़ी संख्या में लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए। भाजपा ने इसे महिलाओं के साथ अन्याय और भेदभाव करार दिया है।
पेंशन और अन्य योजनाओं पर भी सरकार को घेरा
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार केवल मैय्या योजना ही नहीं, बल्कि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी समय पर पात्र लोगों तक पहुंचाने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विकास योजनाएं भी अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही हैं।
अभय सिंह ने कहा कि यदि सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं कर पा रही है, तो उसे जनता के सामने इसकी स्पष्ट वजह बतानी चाहिए।
आगामी चुनाव में बनेगा बड़ा मुद्दा
भाजपा ने स्पष्ट किया कि मैय्या योजना में लाभार्थियों की संख्या घटने का मुद्दा आगामी चुनावों में प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि झारखंड की जनता, विशेषकर माताएं और बहनें, सरकार से जवाब चाहती हैं कि चुनाव के समय किए गए वादों का पालन क्यों नहीं किया गया।





