
अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला, ज़मीनी विकास को गति देने वाला बजट 2026-27
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट को देश की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने वाला और ज़मीनी स्तर पर पूंजी निर्माण एवं वितरण की प्रक्रिया को सशक्त करने वाला बजट बताया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक अनुशासन को मजबूत करते हुए विकास को संतुलित दिशा देने का कार्य करेगा और आम नागरिकों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
कर सरलीकरण और राजकोषीय संतुलन पर विशेष जोर
सरयू राय ने कहा कि बजट में केन्द्रीय करों के सरलीकरण, प्रत्यक्ष करों की दरों में कमी और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये कदम अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने के साथ-साथ निवेश और उपभोग को प्रोत्साहित करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह बजट वित्तीय अनुशासन और आर्थिक सुधारों के बीच संतुलन स्थापित करता है, जो दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण को मिली प्राथमिकता
विधायक सरयू राय ने कहा कि यह बजट आम आदमी की कठिनाइयों को कम करने वाला है। स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण के क्षेत्रों में किए गए प्रावधानों से सामान्य जन को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों को जारी रखते हुए विकास के लाभ को ज़मीनी स्तर तक तेज़ी से पहुँचाने की स्पष्ट मंशा इस बजट में दिखाई देती है।
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करने का आधार वर्ष
सरयू राय ने बताया कि वर्ष 2026-27 का बजट 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को योजनाओं का हिस्सा बनाने का आधार वर्ष है। इसके माध्यम से योजनात्मक विकास को नई गति मिलेगी और शहरी क्षेत्रों के विकास को भी बल मिलेगा।
लोकलुभावन नहीं, बल्कि दूरदर्शी बजट
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट लोकलुभावन वादों से दूर रहते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला है। साथ ही यह भारत की बौद्धिक संपदा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।





