विधायक सरयू राय ने कहा नई योजना का भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि यह 2024 से स्वीकृत व क्रियान्वित परियोजना है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कहा है कि भुईँयाडीह लिट्टी चौक से भिलाई पहाड़ी (एनएच-33) तक स्वर्णरेखा नदी पर प्रस्तावित फोर लेन पुल एवं पहुंच पथ परियोजना को लेकर पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं को वस्तुस्थिति जनता के सामने स्पष्ट रखनी चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
उन्होंने कहा कि यह कोई नई योजना या नई सौगात नहीं है, बल्कि इसकी स्वीकृति 2024 में हो चुकी, शिलान्यास 4 अक्टूबर 2024 को हुआ, और काम भी उसी वर्ष शुरू हो चुका है। इसलिए यह कहना कि “10 दिन के भीतर काम शुरू होगा”, पूरी तरह भ्रामक है।
ऑनलाइन शिलान्यास 4 अक्टूबर 2024 को, भव्य कार्यक्रम भी हुआ था
सरयू राय ने बताया कि इस योजना का ऑनलाइन शिलान्यास मुख्यमंत्री ने रांची से किया था। लिट्टी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में वह स्वयं बतौर जमशेदपुर पूर्वी के तत्कालीन विधायक मौजूद थे।
कुछ समय के लिए जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी भी कार्यक्रम में पहुंचे थे।
डीसी, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित सभी जिम्मेदार अधिकारी उस दिन मौजूद थे।
शिलान्यास के बाद तुरंत काम शुरू—लेकिन डिज़ाइन में कमी मिली
राय ने बताया कि शिलान्यास के तुरंत बाद:
भिलाई पहाड़ी तक फोर लेन सड़क के सीमांकन (डिमार्केशन) का कार्य शुरू हुआ।
पुल की डिज़ाइन की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि नदी किनारे “अबेटमेंट” का लोकेशन व्यावहारिक नहीं है, जिससे डिज़ाइन बदलना आवश्यक था।
अभियंताओं और पथ निर्माण विभाग के मुख्यालय ने भी इसे तर्कसंगत मानते हुए डिज़ाइन बदलने पर सहमति दी।
डिज़ाइन में क्या बदलाव किए गए?
पहले:
6 खंभों की योजना
सभी के बीच दूरी—38 मीटर
अब:
6 खंभे रहेंगे
दो किनारों के खंभों के बीच दूरी 45 मीटर,
बीच के खंभों की दूरी 38 मीटर ही रहेगी।
इसके लिए मिट्टी की ताकत जांचने (Soil Test) हेतु पुनः बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जिसके आँकड़ों का विश्लेषण CDO (Central Design Organisation) कर रहा है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, पुल निर्माण औपचारिक रूप से आगे बढ़ जाएगा।
“गलत डिज़ाइन होती तो आज आधा पुल खड़ा हो चुका होता, और बाद में जनता भुगतती”
सरयू राय ने कहा:
“यदि डिज़ाइन परिवर्तन न कराया गया होता, तो गलत डिज़ाइन पर पुल का आधा से अधिक हिस्सा बन चुका होता और नुकसान सरकार व जनता दोनों को भुगतना पड़ता। डिज़ाइन परिवर्तन स्वयं निर्माण की प्रक्रिया का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
उन्होंने कहा कि यह पुल एक वर्ष के भीतर पूरा होने की संभावना है।
पुल जमशेदपुर पूर्वी नहीं, सबसे अधिक मानगो को देगा लाभ
सरयू राय के अनुसार—
कोलकाता की ओर से आने वाले वाहन मानगो न जाकर सीधे इस पुल से शहर में प्रवेश करेंगे।
रांची की दिशा से आने वाले वाहन डोबो पुल से मुड़ने की जगह नई अप्रोच रोड से होकर सीधे कारखाना क्षेत्र तक जाएंगे।
यानी इसका सर्वाधिक लाभ मानगो क्षेत्र को होगा।
पुल बनते ही पूर्वी क्षेत्र में बढ़ेगी ट्रैफिक समस्या—राय का चेतावनी पत्र
उन्होंने चेताया कि पुल बनते ही:
भुईँयाडीह
स्लैग रोड
एग्रिको क्षेत्र
में भारी वाहनों से जाम की समस्या बढ़ जाएगी।
इसका समाधान सरकार को देना होगा।
उन्होंने सरकार को सुझाव दिया है कि लिट्टी चौक से फैक्टरियों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए विशिष्ट मार्ग या फ्लाईओवर बनाया जाए, ताकि शहर के पुराने इलाकों पर दबाव न पड़े।





