सुप्रीम कोर्ट ने सारंडा के 314 वर्ग किमी क्षेत्र को सैंक्चुअरी घोषित करने का आदेश दिया, सरयू राय ने जताई प्रसन्नता
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सारंडा वन क्षेत्र को सैंक्चुअरी घोषित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को खुशी जताई और इसे अपनी वर्षों पुरानी मांग की सफलता बताया।
सरयू राय ने कहा,
“मैं विगत पाँच वर्षों से सरकार से सारंडा के 314.68 वर्ग किमी क्षेत्र को सैंक्चुअरी घोषित करने की मांग कर रहा था। सरकार इसे टालती रही। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश देकर मेरी मांग को न्यायिक मान्यता दी है, इससे मुझे प्रसन्नता है।”
सरयू राय का दावा: 1968 में ही हो चुकी थी अधिसूचना
सरयू राय ने बताया कि तत्कालीन बिहार सरकार ने 16 फरवरी 1968 को अधिसूचना संख्या 1168F के जरिए सारंडा के 314 वर्ग किमी क्षेत्र को सैंक्चुअरी घोषित किया था।
इसका उल्लेख वन अधिकारी केएस राजहंस द्वारा तैयार किए गए 20 वर्षीय वर्किंग प्लान (1976-96) में भी किया गया है।
उन्होंने कहा,
“मैंने जब विधानसभा में इस अधिसूचना की प्रति मांगी, तो सरकार ने कहा कि यह उपलब्ध नहीं है।”
सरयू राय की चेतावनी: अब और देरी नहीं चलेगी
सरयू राय ने झारखंड सरकार से अपील करते हुए कहा कि:
“अब समय आ गया है कि सरकार हीला-हवाली न करे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का तत्काल पालन करे। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत सारंडा को सैंक्चुअरी घोषित करे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ईमानदारी दिखाए।”



