हिंदी दिवस पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने किया भाषा का सम्मान और उत्सव
जमशेदपुर, 13 सितंबर 2025 : डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, जमशेदपुर में हिंदी दिवस का भव्य आयोजन साहित्यिक क्लब के तत्वावधान में बड़े हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। इस आयोजन ने न केवल हिंदी भाषा के प्रति प्रेम को उजागर किया बल्कि संस्कृति, रंगमंच और साहित्यिक अभिव्यक्ति को भी सजीव मंच प्रदान किया।
दीप प्रज्वलन और विचारों की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद छात्रा पूनम कुमारी ने हिंदी भाषा के महत्व पर सारगर्भित विचार रखे। मंच संचालन प्रियंका कुमारी और मीनाक्षी कुमारी ने प्रभावशाली ढंग से किया।

हिंदी हमारी पहचान है”—प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा:
“हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की जननी है। हमें इसे बोलने में कभी संकोच नहीं करना चाहिए। हिंदी हमारी पहचान है, गर्व है।”
उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल ने कहा कि:
“हिंदी भाषा संस्कृति से इतनी गहराई से जुड़ी है कि कई शब्दों का कोई सटीक अनुवाद ही संभव नहीं। यही इसकी खासियत है।”
कविता, नृत्य और नाटक—रचनात्मकता की झलक
तीसरे सेमेस्टर की प्रियंका कुमारी ने अपनी स्वयं रचित कविता के माध्यम से सभी का मन मोह लिया।
तान्या कुमारी, निकिता कुमारी, नेहा कुमारी और अंकिता कुमारी द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य ने पूरे माहौल को ऊर्जा से भर दिया।
दिनकर शर्मा की नाट्य प्रस्तुति बनी मुख्य आकर्षण
हिंदी दिवस के इस कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पहलू था प्रसिद्ध रंगकर्मी दिनकर शर्मा द्वारा प्रस्तुत दो नाट्य कृतियाँ:
- “पक्षी और दीमक”
- “मेरे होने का मतलब”
उनकी भावनात्मक और गहन अभिव्यक्ति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कई विद्यार्थियों की आंखें तक नम हो गईं।
बी.एड. पूर्वछात्र भी बने आयोजन का हिस्सा
इस आयोजन में आर.एम.एस. बालिचेला स्कूल के शिक्षक व विद्यार्थी आमंत्रित थे। खास बात यह रही कि कई शिक्षक डी.बी.एम.एस. कॉलेज के पूर्व बी.एड. छात्र भी थे, जिससे भावनात्मक जुड़ाव और भी मजबूत हुआ।
आयोजन की सफलता के पीछे का सामूहिक प्रयास
धन्यवाद ज्ञापन: नीलू कुमारी
ओवरऑल इंचार्ज: डॉ. मीनाक्षी चौधरी (संयोजक, साहित्यिक क्लब)
प्रशासनिक सहयोग:
सचिव: श्रीमती श्रीप्रिया धर्मराजन
संयुक्त सचिव: श्रीमती सुधा दिलीप
प्राचार्या: डॉ. जूही समर्पिता
उप-प्राचार्या: डॉ. मोनिका उप्पल
सभी शिक्षकगण, अशैक्षणिक व सहयोगी कर्मचारी



