
गांधी जयंती तक पूरा इलाका साफ करने का निर्देश, बोले- दुर्गापूजा तक बनी रहे सफाई; कार्यालय नहीं हटाया तो अदालत जाएंगे

जमशेदपुर : मानगो के गांधी मैदान में दुर्गापूजा के दौरान नगर निगम की गाड़ियां खड़ी रहने और आसपास कूड़ा-कचरा जमा होने को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी के नाम पर संचालित विद्यालय, गांधी जी की प्रतिमा और चिल्ड्रेन पार्क के आसपास जिस तरह निगम की गाड़ियां और कचरा मौजूद है, वह उचित नहीं है।
सरयू राय ने मानगो नगर निगम को निर्देश देते हुए कहा कि 2 अक्टूबर, गांधी जयंती तक गांधी मैदान और आसपास के इलाके को पूरी तरह साफ-सुथरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गापूजा के दौरान भी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था लगातार बनी रहनी चाहिए।
पूजा स्थल का जायजा लेने पहुंचे थे विधायक
सरयू राय के अनुसार, गांधी मैदान दुर्गापूजा समिति के कुछ सदस्य उन्हें उस स्थान का जायजा कराने ले गए थे, जहां इस वर्ष दुर्गापूजा का आयोजन होना है। समिति के सदस्यों ने आशंका जताई कि पूजा के दौरान यदि वहां नगर निगम की गाड़ियां खड़ी रहीं और कूड़ा-कचरा जमा रहा तो पूजा स्थल की व्यवस्था और प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।
मौके पर पहुंचने के बाद विधायक ने आसपास नगर निगम की कई गाड़ियां बेतरतीब ढंग से खड़ी देखीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ गाड़ियों में कूड़ा-कचरा लदा हुआ था, जबकि कुछ ऐसी गाड़ियां भी वहां खड़ी थीं जिन्हें खरीदा गया था, लेकिन उनका नियमित इस्तेमाल नहीं हो रहा था।
उन्होंने कहा कि दो गाड़ियां ऐसी भी दिखाई दीं, जिन्हें मानगो की सड़कों की सफाई के लिए खरीदा गया था, लेकिन उनके अनुसार वे शायद ही कभी सड़क पर उतरी हों।

गांधी स्कूल के पास गाड़ियां खड़ी करने पर सवाल
सरयू राय ने कहा कि सबसे गंभीर स्थिति यह है कि नगर निगम की गाड़ियां गांधी जी के नाम पर संचालित विद्यालय के बरामदे और दीवार के पास तक खड़ी कर दी गई हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों पर इस तरह के दृश्य का क्या प्रभाव पड़ेगा। उनके अनुसार, विद्यालय से सटा हुआ चिल्ड्रेन पार्क भी है और उसके किनारे कूड़ा-कचरा जमा है।
विधायक ने कहा कि वह पहले भी मानगो नगर निगम के अधिकारियों से गांधी जी की प्रतिमा तक के हिस्से को साफ-सुथरा रखने की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा क्षेत्र विद्यालय परिसर से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां विशेष रूप से स्वच्छता और बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
विधायक निधि से चहारदीवारी बनाने की पेशकश
सरयू राय ने बताया कि उन्होंने विद्यालय की चहारदीवारी के निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से राशि उपलब्ध कराने की पेशकश भी की है। उनका कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने के बजाय निगम की मौजूदा व्यवस्था के कारण विद्यालय और गांधी जी की प्रतिमा के आसपास नई समस्याएं पैदा हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के मौके पर गांधी जी की प्रतिमा के आसपास छोटी-बड़ी नगर निगम की गाड़ियों का जमावड़ा और कूड़ा-कचरा पड़ा रहना उचित नहीं है।
टूटा पहिया वाली कूड़ा गाड़ी पर भी जताई आपत्ति
विधायक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक ऐसी गाड़ी भी दिखाई दी, जिसमें कूड़ा-कचरा भरा हुआ था और उसका पिछला पहिया टूटा हुआ था। उन्होंने आशंका जताई कि खराब स्थिति में पड़ी ऐसी गाड़ी भी लंबे समय तक उसी स्थान पर खड़ी रह सकती है।
सरयू राय ने कहा कि गांधी जयंती तक पूरे इलाके की सफाई सुनिश्चित की जाए और दुर्गापूजा तक सफाई व्यवस्था को बनाए रखा जाए। उन्होंने विद्यालय की चहारदीवारी के निर्माण को लेकर विधायक निधि से किए गए पत्राचार का भी हवाला दिया और निगम से इस दिशा में आवश्यक ध्यान देने को कहा।
गांधी स्मारक के लिए बना था भवन, निगम कार्यालय पर उठाए सवाल
वर्तमान कार्यालय को लेकर सरयू राय ने मांगा जवाब
सरयू राय ने मानगो नगर निगम के वर्तमान कार्यालय को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस भवन में वर्तमान में मानगो नगर निगम का कार्यालय संचालित हो रहा है, वह मूल रूप से महात्मा गांधी स्मारक के लिए बनाया गया था।
उनके अनुसार, इसकी परिकल्पना गांधी मेमोरियल के रूप में की गई थी। योजना यह थी कि महात्मा गांधी स्कूल और गांधी मेमोरियल के बीच का मैदान साफ-सुथरा और आकर्षक रहे। स्मारक भवन में गांधी जी के बचपन से लेकर उनके देहांत तक की प्रमुख घटनाओं से संबंधित तस्वीरें लगाने तथा उनके नीचे उनका विवरण प्रदर्शित करने की योजना थी।
सरयू राय ने कहा कि इस परिसर में धीमे स्वर में ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की धुन बजाने की भी परिकल्पना थी। उनका कहना है कि गांधी स्मारक ऐसा स्थान होना था, जहां पर्यटक, राजकीय अतिथि और आम लोग आकर गांधी जी के जीवन एवं विचारों से परिचित हो सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए गांधी साहित्य पढ़ने और उनके जीवन से सीख लेने का अवसर भी इस परिसर की परिकल्पना का हिस्सा था।
अस्थायी तौर पर कार्यालय के लिए लिया गया था भवन : सरयू राय
सरयू राय के मुताबिक, मानगो नगर निगम का पुराना कार्यालय छोटा पड़ रहा था। इसी वजह से वर्तमान भवन को कुछ समय के लिए निगम कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कही गई थी।
उनका कहना है कि उस समय यह कहा गया था कि पुराना कार्यालय बड़े स्वरूप में तैयार होने के बाद नगर निगम वहां स्थानांतरित हो जाएगा। लेकिन उनके अनुसार, लंबे समय बाद भी निगम का कार्यालय वर्तमान भवन में ही संचालित हो रहा है।
सरयू राय ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मानगो नगर निगम को अलग जगह की आवश्यकता है तो पुराने कार्यालय को बहुमंजिली इमारत के रूप में विकसित क्यों नहीं किया जाता।
कार्यालय के आवंटन को लेकर भी उठाया सवाल
विधायक ने सवाल किया कि वर्तमान भवन में मानगो नगर निगम का कार्यालय किस अधिकार के तहत संचालित हो रहा है और इस भवन का आवंटन किस स्तर से किया गया था।
उन्होंने पूछा कि क्या भवन का आवंटन उपायुक्त की ओर से किया गया था या नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से। उन्होंने संबंधित विभाग से यह स्पष्ट करने की मांग की कि नगर निगम को इस भवन में बने रहने का अधिकार किस आधार पर मिला है।
सरयू राय ने कहा कि अब मानगो नगर निगम को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह वर्तमान कार्यालय को कब खाली करेगा। उनके अनुसार, निगम को अपने पुराने कार्यालय का पुनर्निर्माण कर स्थायी कार्यालय की व्यवस्था करनी चाहिए।
कार्यालय नहीं हटाया तो अदालत जाने की चेतावनी
सरयू राय ने आरोप लगाया कि गांधी जी के नाम पर संचालित विद्यालय और गांधी जी की प्रतिमा के आसपास की व्यवस्था से उनके सम्मान और प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मानगो नगर निगम का यह रवैया बंद होना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मानगो नगर निगम उचित तरीके से वर्तमान कार्यालय को खाली नहीं करता है और इस संबंध में समाधान नहीं निकलता है, तो अदालत का रुख किया जाएगा।
मानगो नगर निगम को लेकर सरयू राय की ओर से हाल के महीनों में भी प्रशासनिक कामकाज और विभिन्न प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर सितंबर 2026 में निगम की निविदा प्रक्रिया और अपर नगर आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर जारी बयान भी दर्ज हैं।





