सामान्य बैठक में फूटा आक्रोश, 21 सदस्यों ने सौंपा ज्ञापन
जमशेदपुर : जिला परिषद की आज आयोजित सामान्य बैठक उस समय गरमा गई जब 21 जिला परिषद सदस्यों ने एकजुट होकर उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद सचिव नागेंद्र पासवान को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा और अपना विरोध दर्ज कराया।
10 सूत्रीय मांगों में संवेदकों की मनमानी से लेकर भुगतान तक के मुद्दे शामिल
ज्ञापन में सदस्यों ने 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की मांग की है, अन्यथा सामूहिक धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
सदस्यों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- जिला परिषद सदस्यों द्वारा अनुशंसित योजनाओं पर संवेदकों की मनमानी पर रोक
- वर्षों से लंबित मानदेय और TA/DA भुगतान
- रजिस्टर्ड संवेदकों की सूची और उन्हें मिलने वाले कार्यों की सार्वजनिक जानकारी
- जिला परिषद की बैठकों का समय पर आयोजन
- कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना
- …सहित कुल 10 सूत्रीय मांगें

उप विकास आयुक्त ने दिया समाधान का आश्वासन
उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए कहा कि:
“सभी बिंदुओं को गंभीरता से लिया जाएगा और नियत समय में समाधान का प्रयास किया जाएगा।”
अल्टीमेटम: 15 दिन में समाधान वरना आंदोलन
सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे जिला परिषद कार्यालय पर सामूहिक धरना देंगे और संघर्ष को तेज करेंगे।

14 महीने से लटकाए जा रहे काम में 14 घंटे में हो गया सुधार
बैठक में सदस्यों ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले सप्ताह जिला पार्षद डॉ. कविता परमार द्वारा एक संवेदक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने के 14 घंटे के भीतर ही संबंधित कार्य में सुधार हुआ, जबकि वह संवेदक 14 महीने से कार्य टाल रहा था।
यह घटना प्रशासन की क्षमता और इच्छाशक्ति को दर्शाती है, बशर्ते इच्छाशक्ति हो।



