
भगवती वंदना के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में मिथिला सांस्कृतिक परिषद की ओर से दो दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गोसाउनिक गीत और भगवती वंदना से की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इसके बाद महान मैथिली कवि विद्यापति के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, उद्यमी उषा रानी झा, समाजसेवी विकास सिंह और शिव शंकर सिंह सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

विद्यापति की रचनाओं में प्रकृति और पर्यावरण का संदेश : सरयू राय
समारोह के मुख्य अतिथि एवं उद्घाटनकर्ता विधायक सरयू राय ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यापति केवल एक कवि नहीं बल्कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर यह प्रश्न उठता है कि विद्यापति शैव थे या वैष्णव, क्योंकि उनकी रचनाओं में शिव भक्ति के साथ-साथ वैष्णव भावनाओं की भी झलक मिलती है।
उन्होंने कहा कि विद्यापति के गीतों में प्रकृति और पर्यावरण की स्तुति प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनके साहित्य में धरती की रक्षा, स्वच्छ हवा और सुरक्षित जलवायु का संदेश मिलता है, जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है।
सरयू राय ने कहा कि झारखंड में भोजपुरी, मगही और मैथिली जैसी भाषाओं को अपनी संस्कृति और पहचान बचाने के लिए लगातार संघर्ष करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि शासन संविधान के अनुसार चलता है और यदि संस्कृति व भाषा की रक्षा के लिए जरूरत पड़े तो न्यायालय का सहारा भी लेना होगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा
समारोह में कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
गायिका दिव्य रत्न ने “मोरा रे अंगनवा चानन के र गछिया, बड़ दूर काशी नगरिया” जैसे लोकगीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वहीं वरुण झा के नेतृत्व में कलाकारों ने विद्यापति नृत्य और भाव नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में पंडित विपिन कुमार झा ने स्वस्तिवाचन किया। कार्यक्रम का मंच संचालन राजेश कुमार झा ने किया, जबकि स्वागत भाषण अनिल कुमार झा ने दिया।
कार्यक्रम के दौरान:
मोहन ठाकुर ने महासचिव का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया
धर्मेश कुमार झा ने मांग पत्र रखा
शिव चंद्र झा ने झारखंड और केंद्र सरकार से संबंधित मांगों को पढ़कर सुनाया
अंत में अमर कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया
इस कार्यक्रम की जानकारी परिषद के प्रेस प्रभारी प्रमोद कुमार झा ने दी।

आनंद मेला का उद्घाटन
समारोह के साथ आयोजित आनंद मेला का उद्घाटन उद्यमी उषा रानी झा ने किया। मेले में पारंपरिक व्यंजन, सांस्कृतिक गतिविधियां और विभिन्न स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने।
केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें
विद्यापति स्मृति पर्व समारोह के माध्यम से मिथिला सांस्कृतिक परिषद, जमशेदपुर ने केंद्र और झारखंड सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
केंद्र सरकार से मांग
कोल्हान क्षेत्र में रहने वाले मैथिली भाषियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए टाटानगर से जयनगर तक नियमित ट्रेन सेवा के फेरे बढ़ाए जाएं।
CBSE पाठ्यक्रम में भाषा के वैकल्पिक विषयों की सूची में मैथिली को शामिल किया जाए।
झारखंड सरकार से मांग
मैथिली भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए झारखंड में मैथिली अकादमी का गठन किया जाए तथा झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में मैथिली को वैकल्पिक विषय बनाया जाए।
कोल्हान विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर तक मैथिली की पढ़ाई सुनिश्चित की जाए।
झारखंड की क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में मैथिली भाषा को शामिल किया जाए।






