
मिथिला की पहचान वैश्विक स्तर पर स्थापित: दीपिका पांडेय सिंह

जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित मिथिला सांस्कृतिक परिषद के दो दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह का समापन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। समापन समारोह की मुख्य अतिथि और उद्घाटनकर्ता झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह थीं।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि मिथिला की पहचान विश्व स्तर पर स्थापित है और यह समाज को दिशा देने वाली संस्कृति है। उन्होंने कहा कि मिथिला समाज के लोगों ने विदेशों तक मिथिला पेंटिंग की पहचान बनाने का महत्वपूर्ण काम किया है।

मिथिला सिर्फ भूगोल नहीं, बल्कि संस्कृति और संस्कार की पहचान
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि मिथिला केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि संस्कृति, भाषा की मिठास और गहरे संस्कारों की पहचान है।
उन्होंने मिथिला के पारंपरिक खानपान का उल्लेख करते हुए कहा कि माछ-भात, चूड़ा-दही और रसगुल्ला जैसे व्यंजन इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं।
मंत्री ने कहा कि परिषद की ओर से जो मांग पत्र प्रस्तुत किया गया है, उस पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में समाज में मिठास और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना बेहद जरूरी है।
आनंद मेला और मिथिलानी स्टॉल की हुई सराहना
कार्यक्रम के दौरान आयोजित आनंद मेला में मिथिला की महिलाओं (मिथिलानी) द्वारा लगाए गए स्टॉल की मंत्री ने विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन मिथिला की संस्कृति, परंपरा और लोक कला को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कई गणमान्य अतिथियों ने किया संबोधन
समारोह में मंच पर उपस्थित अन्य अतिथियों में पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय खां, आनंद बिहारी दुबे, रवींद्र कुमार झा (नट्टू झा) और बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक पंकज कुमार मिश्र शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने महान मैथिली कवि विद्यापति के चित्र पर सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद परिषद के अध्यक्ष मोहन ठाकुर, महासचिव धर्मेश कुमार झा (लड्डू झा) और कोषाध्यक्ष रंजीत झा ने सभी अतिथियों को पाग, दोपट्टा और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।

मंच संचालन और कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
समारोह का मंच संचालन डॉ. अशोक कुमार झा ‘अविचल’ ने किया।
स्वागत भाषण धर्मेश कुमार झा (लड्डू झा) ने दिया
स्वागत गान स्निग्ध ने प्रस्तुत किया
पंडित विपिन कुमार झा ने स्वस्तिवाचन किया
भगवती वंदना शंकर नाथ झा और पंकज कुमार झा ने सामूहिक रूप से प्रस्तुत की
अध्यक्षीय उद्बोधन मोहन ठाकुर ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रंजीत झा ने किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उद्घोषक रामसेवक ठाकुर रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
समारोह में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
कलाकार स्निग्धा झा ने “पिया मोरा बालक हम विद्यापति…” से कार्यक्रम की शुरुआत की और “एकरा चिट्ठी नइ बुझबै” गीत प्रस्तुत किया।
इसके अलावा मिथिलेश मिश्र, विकास झा, कुंज बिहारी मिश्र और जुली झा ने भी शानदार गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान कई भाव नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिनका दर्शकों ने खूब आनंद लिया। देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला चलता रहा।

‘मिथिला गौरव सम्मान’ से कई हस्तियां सम्मानित
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को मिथिला गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में शामिल थे:
डॉ. नकुल चौधरी
डॉ. अजय झा
डॉ. अनुज मिश्र
चार्टर्ड अकाउंटेंट सरोज कांत झा
कौशलेन्द्र दास
प्रमोद सिंह
दीपक कुमार झा
समाजसेवी विजय शंकर मिश्र
शिक्षा जगत से अरुण कुमार
इसके अलावा रांची, हजारीबाग सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से आए मैथिली भाषा प्रेमियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया।






