कर्मचारियों ने कैंटीन की गुणवत्ता पर जताई नाराज़गी, व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हुई तस्वीर
जमशेदपुर, : टाटा स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड (TSDPL) के सीआर प्लांट में रविवार को दोपहर करीब 11 बजे उस समय हंगामा मच गया, जब एक कर्मचारी की खाने की थाली में कीड़ा पाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त कर्मचारी ने चावल, दाल और सब्जी ली थी, और उसी थाली में कीड़ा देखकर उसने तत्काल कैंटीन स्टाफ और अधिकारियों को शिकायत दी।
कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, कैंटीन क्वालिटी पर सवाल
घटना के बाद कई कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया और कहा कि कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता लंबे समय से खराब है।
इस घटना की तस्वीर तुरंत कर्मचारियों और कमेटी मेंबर्स के व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल हो गई, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया।
व्हाट्सएप ग्रुपों में कर्मचारियों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं और कैंटीन की व्यवस्था को लेकर नाराज़गी जताई। व्हाट्सएप ग्रुप में खींचातानी भी चलती रही।



कैंटीन कमेटी तक नहीं बनी, शिकायतें कौन सुने ?
कई कर्मचारियों का कहना था कि अभी तक TSDPL में यूनियन या कैंटीन कमेटी का गठन नहीं हुआ है, जिससे शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा।
“जब तक कैंटीन निगरानी समिति नहीं बनेगी, ऐसे हादसे होते रहेंगे,” – एक कर्मचारी ने कहा।
स्वच्छता और गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस घटना ने न केवल कर्मचारियों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है, बल्कि यह भी उजागर किया कि औद्योगिक संस्थानों की कैंटीनों में निगरानी और निरीक्षण की व्यवस्था कितनी कमजोर है।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन, लेकिन नहीं हुई ठोस कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने जांच और सुधार का आश्वासन देकर स्थिति को शांत किया।
हालांकि, कर्मचारियों ने भविष्य में खाने की गुणवत्ता को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।
पूर्व में भी आती रही है शिकायत पर कार्रवाई ?
कर्मचारियों के अनुसार कंपनी के कैंटीन में खाने की गुणवत्ता में पूर्व में भी गड़बड़ी होते रही है। कर्मचारियों के कहना है कि कभी खिचड़ी में छिपकली, बासी लड्डू तो कभी लड्डू में फफूंदी तो कभी बर्तन की सही तरीके से सफाई नहीं होने की शिकायत होते रही है पर सही तरीके मॉनिटरिंग नहीं होने या शिकायत पर संबंधित पर कार्रवाई नहीं होने से ऐसे मामले पर रोक नहीं लग पाती है।



