Jamshedpur : जमशेदपुर के बी रोड बिस्टुपुर स्थित संत जॉर्ज चर्च समिति द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य रूप से “आदिवासी खाद्य एवं सांस्कृतिक उत्सव” का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक महोत्सव रहा, बल्कि आदिवासी पहचान, परंपरा और एकता का जीवंत प्रतीक भी बना।
आदिवासी परिधान प्रतियोगिता बनी विशेष आकर्षण
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही आदिवासी परिधान प्रतियोगिता, जिसमें पुरुषों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पारंपरिक वस्त्रों में हिस्सा लेकर दर्शकों का मन मोह लिया। श्रीमती मिलन पूर्ति, जोशिका पूर्ति, और विनय पूर्ति ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई और परिधान की मौलिकता, परंपरा व प्रस्तुति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
नृत्य, संगीत और व्यंजनों की छटा
कार्यक्रम में आदिवासी नृत्य, लोकगीतों की प्रस्तुति, और संदेशात्मक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजनों व हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल्स भी लगाए गए, जहां स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी। व्यंजन स्टॉलों में पारंपरिक स्वाद की झलक देखने को मिली, जिससे यह आयोजन एक सांस्कृतिक मेले का रूप लेता गया।
श्रद्धांजलि: शिबू सोरेन और रामदास सोरेन
कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता दिवंगत शिबू सोरेन और पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस भावपूर्ण क्षण ने कार्यक्रम को एक ऐतिहासिक संदर्भ और गहराई दी।
मुख्य अतिथि उज्जवल मिंज का संदेश
आयोजन के मुख्य अतिथि सेल टैक्स अधिकारी उज्जवल मिंज और उनकी धर्मपत्नी ने मंच साझा करते हुए इस सांस्कृतिक प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, जागरूकता और पहचान को मजबूत करते हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं।
संचालन, अध्यक्षता और विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन: आकाश गुड़िया और श्रीमती एंजेल कंडुलना
कार्यक्रम की अध्यक्षता: जमशेदपुर पेरिस के पुरोहित अरुण बरवा
धन्यवाद ज्ञापन: सचिव अचल प्रकाश तिर्की
आतिथ्य और प्रस्तुतियों का नेतृत्व: महिला समिति की आलोमिना कंडुलना
विशेष उपस्थिति: रेव. मरकस मुखी, रेव. जॉन कंडुलना, रिटायर्ड रेव. सिरका, एवं सुशील कांडिर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष बनाया



