
गरुड़ स्तंभ स्थापना और शिवलिंग पुनर्स्थापना के साथ मनाया जाएगा उत्सव
25 फरवरी से मंगल कलश यात्रा, 28 को दीपोत्सव एवं महाभंडारा
जमशेदपुर : लौहनगरी में एक बार फिर भक्ति और आस्था का भव्य संगम देखने को मिलेगा। सूर्य मंदिर समिति के तत्वावधान में सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर सिदगोड़ा परिसर में श्रीराम मंदिर स्थापना की छठी वर्षगांठ के अवसर पर 25 से 28 फरवरी तक विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान गरुड़ स्तंभ की स्थापना के साथ मंदिर परिसर में स्थापित शिवलिंग की विधि-विधानपूर्वक पुनर्स्थापना भी होगी।
इस संबंध में भालूबासा में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने विस्तृत जानकारी दी। मौके पर उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह राजा, सह मीडिया प्रभारी प्रमोद मिश्रा और राकेश सिंह भी उपस्थित रहे।
अयोध्याधाम की तर्ज पर बने राम मंदिर की वर्षगांठ
अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सूर्य मंदिर परिसर में निर्मित श्रीराम मंदिर का स्वरूप अयोध्या की तर्ज पर तैयार किया गया है। स्थापना की छठी वर्षगांठ को विशेष बनाने के लिए चार दिवसीय अनुष्ठानों की रूपरेखा तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि आयोजन की सफलता के लिए उप-समितियां बनाकर सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। समिति सदस्य शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाके को आकर्षक एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
25 फरवरी से होगा शुभारंभ
चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत 25 फरवरी को सुबह 7 बजे बागुनहातु के डोंगा घाट से निकलने वाली मंगल कलश यात्रा से होगी।
26 फरवरी को संध्या 4 बजे सिदगोड़ा सूर्यधाम से भव्य शोभायात्रा सह नगर भ्रमण निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी अपेक्षित है।
अयोध्या से आएंगे यज्ञाचार्य, होगा प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान
उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह राजा ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए मंदिर परिसर में भव्य यज्ञशाला का निर्माण किया गया है। अयोध्या धाम से पधार रहे विख्यात यज्ञाचार्य पंडित भूषण जी महाराज के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टोली सभी धार्मिक अनुष्ठानों को वैदिक रीति से संपन्न कराएगी।
28 फरवरी को संध्याकाल में दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात महाप्रसाद वितरण एवं महाभंडारे के साथ महोत्सव का समापन होगा।
किस दिन क्या होगा आयोजन?
25 फरवरी: मंगल कलश यात्रा एवं पंचांग पूजन
26 फरवरी: वेदी पूजन, अग्नि उत्तारण, अधिवासन एवं श्री विग्रह का नगर भ्रमण सह शोभायात्रा
27 फरवरी: अरणी मंथन, प्राण प्रतिष्ठा एवं यज्ञ-हवन
28 फरवरी: पूजन, सुंदरकांड पाठ, संध्याकालीन दीपोत्सव एवं महाभंडारा
समिति ने शहर के सभी धर्मप्रेमियों से इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होकर पुण्यलाभ अर्जित करने की अपील की है।





