शौर्य की विरासत को सलाम, 7 शहीद परिवारों को मिला जिला प्रशासन से सम्मान
Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपनी अनोखी परंपरा को निभाते हुए दीपावली से एक दिन पूर्व जिला मुख्यालय सभागार में शहीद सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सात वीर जवानों के परिवारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें उन्होंने शहीदों के परिजनों को गुलदस्ता भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह में देशभक्ति का भाव स्पष्ट रूप से नजर आया और उपस्थित लोगों की आंखें नम थीं।
शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानित
समारोह में सम्मानित किए गए वीर जवानों के परिजनों की सूची इस प्रकार है:
क्रम संख्या शहीद का नाम परिजन विशेष सम्मान / विवरण
1 शहीद मनोज कुमार पत्नी – सुनीता शर्मा –
2 शहीद किशन दुबे (शौर्य चक्र) माता – जगमाया देवी शौर्य चक्र सम्मानित
3 शहीद जितेंद्र कुमार पत्नी – दुर्गावती देवी –
4 शहीद श्रीनिवास राव पत्नी – पदमा राव –
5 शहीद मनोरंजन (शौर्य चक्र, मरणोपरांत) पिता – नायब सूबेदार नवीन शौर्य चक्र मरणोपरांत
6 शहीद सिपाही गणेश हांसदा – गलवान घाटी (चीन बॉर्डर), शौर्य चक्र
7 शहीद दिलीप बेसरा – –
इन वीर जवानों की शहादत न केवल जिले बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
शहीदों का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता – जिला प्रशासन
समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके परिजन समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं और प्रशासन उनके साथ हमेशा सम्मान और सहयोग की भावना से खड़ा रहेगा।
जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा,
“देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के परिजनों को सम्मानित करना हमारा कर्तव्य है।”
आयोजन में रहे कई गणमान्य लोग शामिल
इस आयोजन को सफल बनाने में कई संस्थाओं और अधिकारियों का अहम योगदान रहा:
जमशेदपुर मिलिट्री स्टेशन से कर्नल रजनीश शर्मा
पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम के प्रतिनिधि:
सुशील कुमार सिंह
राजीव रंजन
दिनेश सिंह
हंसराज सिंह
सत्येंद्र सिंह
कुंदन सिंह
अशोक श्रीवास्तव
सतनाम सिंह
विजय कुमार त्रिपाठी
इन सभी ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया।



