
सरकार की दूसरी पारी की पहली वर्षगांठ पर तेज हुई सियासी गर्मी
जमशेदपुर : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की दूसरी पारी के पहले वर्ष के जश्न पर जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उपलब्धियों का पिटारा खोल दिया है—10,000 नियुक्तियाँ और सरकार आपके द्वार अभियान जैसी घोषणाएँ खूब होंगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत बिल्कुल उलट है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पहले घोषित कार्यक्रमों की तरह मौजूदा योजनाओं पर भी ध्यान नहीं दिया गया, तो “इनकी भी कब्रगाहें बन जाएँगी।”
सेवा का अधिकार अधिनियम दम तोड़ चुका”—सरयू राय का बड़ा आरोप
कहा– अधिनियम को याद करना ‘जले पर नमक’ डालने जैसा
सरयू राय ने सबसे बड़ा हमला सेवा का अधिकार अधिनियम की विफलता को लेकर बोला। उन्होंने कहा—
राज्य मुख्यालय हो या जिला–प्रखंड, सेवा का अधिकार अधिनियम पूरी तरह दम तोड़ चुका है।
इसे सरकार की वर्षगांठ पर याद करना जनता के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।
किसी भी सरकारी कार्यालय में ऐसा एक भी प्रदर्शन बोर्ड नहीं लगा है जो लोगों को बताए कि उनके अधिकार क्या हैं।
हज़ारों आवेदन महीनों से लंबित हैं, लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
कई जगह लोग अभी भी कर्मचारियों को सेवा शुल्क देने पर मजबूर हैं।
राय ने कहा कि “नागरिकों को यह तक नहीं पता कि इस अधिनियम में उनके अधिकार क्या निर्धारित हैं, ऐसे में सरकार आपके द्वार कैसे समाधान देगी?”
निर्मित संरचनाएँ बनीं ‘बेकार की विरासत’—करोड़ों खर्च, उपयोग शून्य
सरयू राय ने सरकार और स्थानीय निकायों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई योजनाएँ करोड़ों खर्च के बाद भी उपयोग में नहीं लाई जा रहीं।
उन्होंने दो प्रमुख उदाहरण दिए
कदमा का कन्वेंशन सेंटर—पाँच साल पहले करोड़ों में बना, अब जर्जर।
साकची का डीएम लाइब्रेरी भवन—निर्मित होने के बाद से ही बंद, मरम्मत भी नहीं।
उन्होंने कहा कि “इन्हें बनाने में जितना खर्च हुआ, उतना ही अब मरम्मत में लगेगा। यह सरकारी धन की खुली बर्बादी है।”
नगर निगमों पर उठाए सवाल—“15वें वित्त आयोग की धनराशि गई कहाँ?”
राय ने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा नगर निकायों को दी गई राशि का हिसाब मांगना सरकार की जिम्मेदारी है।
जमशेदपुर के निकायों पर विशेष सवाल—
जेएनएसी
मानगो नगर निगम
आदित्यपुर नगर निगम
जुगसलाई नगर परिषद
उन्होंने आरोप लगाया कि “इन निकायों ने करोड़ों रुपये की निधि का क्या किया, यह सरकार बताने से बच रही है।”
“DMFT और स्वास्थ्य विभाग की गड़बड़ियाँ अखबारों में रोज़ सुर्खियाँ”
सरयू राय ने कहा कि,
“DMFT से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक की गड़बड़ियाँ रोज़ सुर्खियों में रहती हैं। लेकिन सरकार उपलब्धियों के कार्यक्रमों पर ही फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री को इन मामलों पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।”





