मानगो पेयजल आपूर्ति परियोजना के संचालन में घोर लापरवाही, विधायक ने उठाए सवाल
सोमवार दोपहर तक मानगो-उलीडीह के कई इलाकों में नहीं पहुंचा पानी
दबाव के बाद ही सुधरती है आपूर्ति, फिर हालात पुराने जैसे
विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर डालते हैं दोष
₹125 करोड़ की लागत वाली परियोजना अब भी अधूरी
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिमी क्षेत्र के विधायक श्री सरयू राय ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को एक पत्र लिखकर मानगो क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति परियोजना की दुर्दशा पर गंभीर असंतोष जताया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ₹125 करोड़ की महात्वाकांक्षी योजना का परिचालन संतोषजनक नहीं है।
“घोषणाएं होती हैं, पर परिणाम शून्य रहता है” – सरयू राय
विधायक ने कहा कि उनकी पहल पर सचिव स्तर से दखल के बाद इंटेक वेल और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए नई पावर मोटरें खरीदी गईं और लगाई गईं, लेकिन इनका संचालन अभी भी अव्यवस्थित है। कई इलाकों में पानी अनियमित रूप से मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि सोमवार (7 अक्टूबर) को दोपहर तक मानगो और उलीडीह के कई इलाकों में एक बूंद पानी नहीं मिला। इनमें शामिल हैं:
अखाड़ा गली, लक्ष्मी नगर, गौड़ बस्ती
राधाकृष्ण मंदिर के पीछे
रामकृष्ण कॉलोनी, बिरसा पथ
फुटबॉल मैदान के पीछे
जवाहर नगर रोड नंबर 4
न्यू उलीडीह
ज़ाकिर नगर, बगानशाही, समता नगर (आंशिक रूप से पूरी तरह वंचित)
अधूरी परियोजना, निष्क्रिय टंकियाँ
श्री राय ने अपने पत्र में लिखा कि:
“मानगो के बालीगुमा और पृथ्वी पार्क में पेयजल टंकियों का निर्माण वर्षों पूर्व हो चुका है। पाइप लाइनें बिछी हैं, पर आपूर्ति नहीं हो रही है। कुछ दिनों पानी आता है, फिर सप्ताह भर बंद। यह नियमित सुविधा नहीं, समझौता है।”
पृथ्वी पार्क की टंकी 2014-19 के बीच बनवाई गई थी, लेकिन बीते 5 वर्षों से वह पूरी तरह निष्क्रिय थी। फरवरी 2025 में इसे शुरू तो किया गया, लेकिन जल आपूर्ति कभी होती है, कभी नहीं।
विभागीय समन्वयहीनता: सिविल और मेकेनिकल विंग में ठनी
सरयू राय ने स्पष्ट कहा कि पेयजल स्वच्छता विभाग के सिविल और मेकेनिकल विंग के बीच समन्वय की भारी कमी है। एक-दूसरे पर दोषारोपण कर मामले को टाला जा रहा है।
नगर निगम को सौंपा गया संचालन, अब सजगता जरूरी
उन्होंने कहा कि अब यह परियोजना नगर निगम को हस्तांतरित की जा रही है, ऐसे में निगम के अधिकारियों को पूरी सजगता और सक्रियता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने उपयुक्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि:
“जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में लापरवाही और ढिलाई सहनीय नहीं है।”



