
“आप बताएं क्या किया, मैं बताऊंगा कि मैंने क्या किया”
जमशेदपुर पश्चिम से विधायक सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि बन्ना गुप्ता मीडिया के सामने बैठकर बताएं कि अपने कार्यकाल में उन्होंने कौन-कौन से काम किए, और वे स्वयं बताएंगे कि विधायक बनने के एक वर्ष के भीतर उन्होंने क्या उपलब्धियां हासिल की हैं।
राय ने कहा, “अगर उनमें हिम्मत है तो खुली बहस के लिए सामने आएं। जनता सब देख रही है।”
सरयू राय के प्रमुख आरोप
बन्ना गुप्ता ने न्यू पुरुलिया रोड पर अवैध निर्माण कराया।
यह चुनाव मेयर का नहीं, ‘मेयरपति’ बनने की कोशिश है।
पति कदमा में और पत्नी मानगो में—क्या यह संयोग है?
“मेयर नहीं, मेयरपति का चुनाव लड़ रहे हैं”
सोशल मीडिया पर जारी बयान में सरयू राय ने कहा कि मानगो नगर निगम का चुनाव कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सुधा गुप्ता नहीं, बल्कि उनके पति बन्ना गुप्ता लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादनगर में एक सभा के दौरान बन्ना गुप्ता ने कहा था कि यदि सुधा गुप्ता जीतती हैं तो वे खुद जनता की “खिदमत” करेंगे।
राय ने सवाल उठाया कि क्या यह आचार संहिता के अनुरूप है? उन्होंने कहा कि एक पूर्व मंत्री अपनी पत्नी को आगे कर चुनाव लड़ रहे हैं और यह संदेश दे रहे हैं कि सारा काम वही कराएंगे, जबकि नगर निगम में मेयर के अधिकार सीमित होते हैं। प्रशासनिक शक्तियां मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी या उप नगर आयुक्त के पास होती हैं।
लोटस रेजीडेंसी पर गंभीर सवाल
सरयू राय ने आरोप लगाया कि सुधा गुप्ता का पता मानगो स्थित लोटस रेजीडेंसी में दर्ज कराया गया, ताकि वे चुनाव लड़ सकें। उन्होंने कहा कि यह भवन बन्ना गुप्ता के चचेरे साले चंदन मित्तल द्वारा बनाया गया है और स्थानीय नागरिकों के अनुसार इसका नक्शा स्वीकृत नहीं है।
राय ने दावा किया कि:
भवन में सीवरेज निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है।
जल-मल पड़ोसी इलाकों में फैलता है, जिससे लोग परेशान हैं।
कई बार शिकायत और आंदोलन के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि सुमन मेमोरियल ट्रस्ट की जमीन पर बने इस भवन की वैधता की जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इसमें बन्ना गुप्ता की कोई हिस्सेदारी है या नहीं।

विकास कार्यों को लेकर भी दिखाया आईना
सरयू राय ने बन्ना गुप्ता पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया कि उन्होंने मुस्लिम बस्तियों में कोई काम नहीं कराया। राय ने कहा कि वे सभी समुदायों के विधायक हैं और पिछले एक वर्ष में:
विधायक निधि से 138 योजनाएं मानगो नगर निगम क्षेत्र में स्वीकृत की गईं।
नगर विकास फंड से 84 योजनाएं संचालित हैं।
15वें वित्त आयोग से एक दर्जन से अधिक योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है।
उन्होंने बताया कि मानगो के चार बड़े नालों की सफाई और मरम्मत का प्रस्ताव रांची भेजा गया है, जो लंबित है। नित्यानंद कॉलोनी और जवाहरनगर में जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए भी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।
स्ट्रीट लाइट की मरम्मत में देरी के लिए उन्होंने ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि एक हजार नई लाइट लगाने का प्रस्ताव भी लंबित है।
ओएसडी और आदिवासी जमीन का मामला
सरयू राय ने यह भी आरोप लगाया कि बन्ना गुप्ता के ओएसडी गुड्डू सिंह ने मंत्री कार्यकाल के दौरान आदिवासी जमीन पर बहुमंजिला इमारत बनवाई। कई शिकायतों के बावजूद नगर निगम ने कार्रवाई नहीं की। राय ने कहा कि ऐसे अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के लिए ही “मेयरपति” की राजनीति की जा रही है।
उप नगर आयुक्त को लिखा पत्र
इस पूरे मामले को लेकर सरयू राय ने मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को पत्र लिखकर लोटस रेजीडेंसी की वैधता की जांच कराने की मांग की है। पत्र में उन्होंने सीवरेज व्यवस्था की कमी और स्थानीय नागरिकों को हो रही परेशानी का उल्लेख किया है।
उन्होंने पूछा है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या पूर्व मंत्री के प्रभाव के कारण प्रशासन निष्क्रिय रहा?
राजनीतिक तापमान बढ़ा
मानगो नगर निगम चुनाव के बीच सरयू राय और बन्ना गुप्ता के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। एक ओर खुली बहस की चुनौती है, तो दूसरी ओर अवैध निर्माण और विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल। अब देखना यह है कि इस चुनौती का जवाब कब और किस रूप में सामने आता है।





