सरयू राय ने 29 अगस्त को रेलवे को लिखा था पत्र, जवाब से असंतुष्ट हुए विधायक
यात्री और उनके परिजन होने चाहिए रेलवे की शीर्ष प्राथमिकता में
पार्किंग विवाद सिर्फ जमशेदपुर में ही क्यों? उठाए गंभीर सवाल
जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था को लेकर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रेलवे की ओर से दिए गए जवाब को “अविश्वसनीय और जनता विरोधी” बताया है।
29 अगस्त को भेजे पत्र के जवाब से नहीं मिले समाधान
सरयू राय ने 29 अगस्त 2025 को एक पत्र के माध्यम से रेलवे प्रशासन से शिकायत की थी कि 5 घंटे की पार्किंग के बदले एक यात्री से 5310 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसपर चक्रधरपुर मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने पत्र का जवाब भेजा है, उससे विधायक संतुष्ट नहीं हैं।
रेलवे की चुप्पी, उसकी सहमति का संकेत है” — सरयू राय
विधायक सरयू राय ने कहा कि यदि रेलवे जानता है कि टाटानगर जैसे व्यस्त स्टेशन पर कितनी गाड़ियाँ आती-जाती हैं और कितने यात्री होते हैं, तो उसे यह भी पता होना चाहिए कि पार्किंग की दरें यदि अत्यधिक होंगी, तो उसका सीधा असर यात्रियों और उनके परिवारीजनों पर पड़ेगा। सरयू राय ने रेलवे से यह भी पूछा कि “क्या वजह है कि पार्किंग से जुड़ी मारपीट और झगड़े की घटनाएं सिर्फ जमशेदपुर में होती हैं?”
उन्होंने कहा:
“अगर कोई संस्था ऊंची दर पर ठेका लेगी, तो वह उससे और ज्यादा कमाई करने के लिए यात्रियों से मनमानी वसूली करेगी। रेलवे को यह समझना चाहिए कि वह सिर्फ बोली लगाने की प्रक्रिया से नहीं, बल्कि पूरे संचालन पर जिम्मेदार है।”
रेलवे यात्रियों के हितों को प्राथमिकता दे
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य रेलवे की नीयत पर शक करना नहीं, बल्कि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे इस मुद्दे को संसद और न्यायपालिका तक भी ले जा सकते हैं।



