
झारखंड सरकार के बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का तीखा प्रहार
जमशेदपुर : झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत ताजा बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “आम आदमी की आँखों में धूल झोंकने वाला बजट” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र विकास को गति देने में सक्षम नहीं है और न ही यह आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरता है।
रघुवर दास ने सवाल उठाया कि बजट में विभिन्न योजनाओं के नाम पर बड़ी-बड़ी राशियों का प्रावधान कर देना ही क्या सफलता की गारंटी है? उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा अलग-अलग मदों में भारी धनराशि आवंटित करने की घोषणा की गई है, लेकिन वास्तविक प्रश्न यह है कि क्या इन योजनाओं के लक्ष्य समय पर और प्रभावी ढंग से पूरे हो पाएंगे।
“घोषणाएं ज्यादा, क्रियान्वयन कम”
पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले बजट का हवाला देते हुए कहा कि तब भी कई मदों में बड़ी राशि खर्च करने की घोषणा की गई थी, लेकिन धरातल पर उसका अपेक्षित परिणाम देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर बड़े प्रावधान कर देना विकास सुनिश्चित नहीं करता, असली चुनौती उस राशि का पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन है।
गरीब, आदिवासी, किसान और युवा उपेक्षित
रघुवर दास ने आरोप लगाया कि बजट में गरीबों, आदिवासियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हितों की अनदेखी की गई है। विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगार सृजन की दिशा में कोई ठोस और व्यावहारिक योजना प्रस्तुत नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन बजट में इसे दूर करने के लिए स्पष्ट रोडमैप का अभाव है।
“जनता के लिए घोर निराशाजनक”
अंत में रघुवर दास ने कहा कि संक्षेप में यह बजट आम जनता के लिए घोर निराशाजनक है। इसमें न तो विकास की स्पष्ट दृष्टि दिखाई देती है और न ही सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की ठोस रणनीति।





