धनबाद ट्रिब्यूनल में होगी सुनवाई, कंपनी प्रबंधन को भेजा गया नोटिस
श्रम मंत्रालय से राजीव पांडेय ने की थी शिकायत
Jamshedpur : जोजोबेड़ा स्थित सीमेंट कंपनी न्यूवोको विस्टॉस कॉर्प लिमिटेड (पूर्व नाम – लाफार्ज) के छह ठेका कर्मचारियों से जुड़े छंटनी मुआवजा और नोटिस पे के मामले की सुनवाई अब धनबाद औद्योगिक न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) में होगी।
इस संबंध में ट्रिब्यूनल द्वारा कंपनी प्रबंधन और संवेदक को नोटिस जारी किया गया है। अगली सुनवाई 18 दिसंबर 2022, सुबह 10 बजे निर्धारित की गई है।
अनुपस्थिति पर एकपक्षीय आदेश की चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित तिथि पर कंपनी प्रबंधन या उनके प्रतिनिधि उपस्थित नहीं होते हैं, तो एकपक्षीय आदेश (Ex-parte Order) पारित किया जा सकता है।
शिकायत दर्ज हुई थी श्रमिक महासंघ के माध्यम से
इस पूरे प्रकरण की शिकायत “जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ” द्वारा की गई थी। शिकायत के बाद सहायक श्रमायुक्त, चाईबासा श्री सरवेश कुमार की अध्यक्षता में एक त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित हुई थी।
वार्ता में कंपनी की ओर से सीनियर मैनेजर (एचआर) आलोक वाजपेयी और डिप्टी मैनेजर (एचआर) सोमन कुमार शामिल हुए थे। वहीं यूनियन की ओर से महासंघ के अध्यक्ष राजीव पांडेय उपस्थित थे।
ग्रेच्युटी पर बनी सहमति, मुआवजा पर असहमति
बैठक के दौरान कंपनी प्रबंधन ने ग्रेच्युटी भुगतान पर सहमति जताई थी, लेकिन छंटनी मुआवजा और नोटिस पे को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, सहायक श्रमायुक्त ने यह मामला धनबाद ट्रिब्यूनल को भेज दिया।
श्रम मंत्रालय से राजीव पांडेय ने की थी शिकायत
जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के अध्यक्ष श्री राजीव पांडेय ने इस मुद्दे को केंद्रीय श्रम मंत्रालय, भारत सरकार के समक्ष उठाया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि न्यूवोको विस्टॉस कॉर्प लिमिटेड द्वारा ठेका कर्मियों को बिना छंटनी मुआवजा और नोटिस पे दिए कार्य से हटा दिया गया।
श्रम मंत्रालय ने इस पर जांच का आदेश सहायक श्रमायुक्त, चाईबासा को दिया था, जिन्होंने जांच पूरी कर रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को सौंप दी।
महासंघ करेगा व्यापक जनसंपर्क अभियान
जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ ने घोषणा की है कि वह बहुत जल्द ठेका प्रथा के विरोध और स्थायी कार्यों में लगे ठेका मजदूरों के स्थायीकरण की मांग को लेकर पूरे कोल्हान प्रमंडल में जनसंपर्क अभियान चलाएगा।
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि वह श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक और आंदोलनात्मक दोनों स्तरों पर संघर्ष करेगा, ताकि श्रमिकों को न्याय और सम्मान मिल सके।



