
साकची में बैरिकेडिंग पर रुका कांग्रेस मार्च, एक घंटे तक चला विरोध प्रदर्शन
जमशेदपुर : नेशनल हेराल्ड से जुड़े यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेतृत्व को कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद कांग्रेस का केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को जमशेदपुर में जिला कांग्रेस और जिला भाजपा आमने-सामने आ गई, जिससे कुछ देर के लिए राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया।
भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ रहा था कांग्रेस का मार्च
प्रशासन ने पहले ही कर दी बैरिकेडिंग

कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार और ईडी के विरोध में भाजपा जिला कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भाजपा कार्यालय से करीब 200 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर दी। इसके चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
बैरिकेडिंग के बावजूद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लगभग एक घंटे तक सड़क पर डटे रहे और केंद्र सरकार व ईडी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते रहे।
भाजपा कार्यकर्ता भी उतरे सड़क पर
दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से बढ़ा तनाव
बैरिकेडिंग के दूसरी ओर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पार्टी का झंडा लेकर सड़क पर उतर आए। कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में लाठी-डंडे भी देखे गए। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
हालांकि, पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी के कारण हालात को बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।

कार्यालय में जमे रहे भाजपा कार्यकर्ता नेता
इस दौरान भाजपा कार्यालय में भारी संख्या में कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, रामबाबू तिवारी, राजकुमार श्रीवास्तव, गुंजन यादव, नीरज सिंह, कुलवंत सिंह बंटी, अनिल सिंह, संजीव सिन्हा, बबुआ सिंह, अनिल मोदी, संजीव सिंह, विजय तिवारी, कृष्णा शर्मा काली, संजीत चौरसिया, अखिल सिंह, अमित अग्रवाल, नीतीश कुशवाहा, नीलू मछुआ, पवन अग्रवाल, मंजीत सिंह, बिनोद राय, हन्नु जैन, प्रशांत पोद्दार, रंजीत सिंह, अमित मिश्रा, आनंद कुमार, युवराज सिंह, कुमार अभिषेक, मारुतिनंदन पांडेय, चिंटू सिंह, कृष्णकांत राय, काजू सांडिल, सुशील पांडेय, ममता भूमिज समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस का आरोप : राजनीतिक बदले की भावना से हो रही कार्रवाई

परविंदर सिंह ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना
इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि
“केंद्र सरकार ईडी का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना से कर रही है। विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस न्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है।”
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग देश के लिए खतरनाक संकेत है।
प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता
प्रदर्शन कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, जेबा खान, आनन्द बिहारी दुबे, परितोष सिंह, राकेश कुमार तिवारी, सामंता कुमार, तस्लीमा नसरीन, ओम प्रकाश सिंह, फ़िरोज खान, राजीव मिश्रा, सामंता कुमार, मनोज झा, संजय तिवारी, रजनीश सिंह, राजीव मिश्रा, अतुल गुप्ता, अमरजीत नाथ मिश्र, अरूण सिंह, अपर्णा गुहा, अवधेश कुमार सिंह, कमलेश कुमार पाण्डेय, राकेश कुमार तिवारी, प्रिंस सिंह, अखिलेश सिंह यादव, शफीअहमद खान, ज्योतिष यादव, परविंदर सिंह सोहल, सत्यम सिंह, अमित श्रीवास्तव, राकेश साहू,रजनीश सिंह, धर्मा राव, सुनीता ओझा, शिल्पी चक्रवर्ती, चिन्ना राव, राजा सिंह राजपूत, सुल्तान अहमद, सुरेन्द्र शर्मा, कौशल प्रधान, आशुतोष कुमार सिंह, प्रताप यादव, बबलू नौशाद, फिरोज खान, रजनी बंसल, गुरदीप सिंह, जसवंत सिंह जस्सी, अंसार खान, लव कुमार निराला, दुर्गा प्रसाद, देबाशीष घोष, ज्योति मिश्र, राजू गद्दी, राजकुमार वर्मा, रूबी ठाकुर, रंजीत सिंह, नमिता सिंह, नीरज सिंह, नवीन मिश्र, नवीन मिश्र, शमशेर आलम, चन्द्रवती पाल, सुरेन्द्र सिंह, शिबू सिंह, रंजन सिंह, राजा ओझा, ऋषि मिश्र, अजय शर्मा, अरूण त्रिपाठी, सीमा मोहंती, शबाना परवीन, सोनू तिवारी, संजीव रंजन, सुनील प्रसाद, आशीष ठाकुर, धर्मेन्द्र ठाकुर, राजकिशोर प्रसाद सहित काफी संख्या में कांग्रेस नेता शामिल हुए।
भाजपा का पलटवार: भ्रष्टाचार से जुड़ा है मामला

कानून अपना काम कर रहा है – सुधांशु ओझा
वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि
“नेशनल हेराल्ड मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है। कांग्रेस इसे राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह कर रही है। कानून अपना काम कर रहा है और भाजपा कानून के शासन में विश्वास रखती है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और किसी के दबाव में काम नहीं करतीं।
प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति हुई सामान्य
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों को शांत कराया गया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।






