

चुनावी लाभ के लिए पानी की व्यवस्था बिना किए करवा दिया गया उद्घाटन
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एमजीएम अस्पताल में उत्पन्न गंभीर जलसंकट को लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल में पानी का संकट किसी प्रशासनिक चूक का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर बन्ना गुप्ता के क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ का परिणाम है।
सरयू राय ने आरोप लगाया कि 2024 के विधानसभा चुनाव से ठीक 15 दिन पहले केवल चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री से आनन-फानन में अस्पताल का उद्घाटन करवा दिया गया, जबकि पानी की स्थायी व्यवस्था तक सुनिश्चित नहीं की गई थी।
मेयरपति बनने के मूड में आए बन्ना गुप्ता: सरयू राय
स्थिति स्पष्ट करने की नैतिक जिम्मेदारी से बच रहे हैं
सरयू राय ने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान में मानगो नगर निगम चुनाव में उनकी पत्नी मेयर पद की उम्मीदवार हैं, ऐसे में बन्ना गुप्ता अब “मेयरपति बनने के मूड” में आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह विडंबनापूर्ण स्थिति है कि उनसे यह पूछा जाए कि बिना पानी की व्यवस्था के अस्पताल क्यों शुरू कराया गया, जबकि इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर बनती है।

पांच साल स्वास्थ्य मंत्री रहे, फिर भी नहीं सोची पानी की व्यवस्था
एलएंडटी जैसी कंपनी से भी नहीं कराया गया इंतजाम
गुरुवार को दो घंटे से अधिक समय तक एमजीएम अस्पताल का सघन निरीक्षण करने के बाद सरयू राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता पांच वर्षों तक राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रहे। उन्हें यह भली-भांति ज्ञात था कि अस्पताल भवन का निर्माण एलएंडटी (L&T) जैसी प्रतिष्ठित कंपनी कर रही है, फिर भी पानी की स्थायी व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया।
जब पानी की समस्या गंभीर हुई तो मजबूरी में पांच डीप बोरिंग कराई गईं। बरसात के मौसम में इससे कुछ राहत मिली, लेकिन अब गर्मी शुरू होते ही डीप बोरिंग से पानी आना कम हो गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि भू-गर्भ जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, ऐसे में आने वाले महीनों में स्थिति और भयावह होगी।
रोजाना 5 लाख लीटर पानी चाहिए, मिल पा रहा है बमुश्किल 2 लाख, गर्मी में कैसे चलेगा अस्पताल?
सरयू राय ने बताया कि एमजीएम अस्पताल को प्रतिदिन कम से कम 5 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, जबकि मानगो नगर निगम और डीप बोरिंग को मिलाकर भी केवल लगभग 2 लाख लीटर पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब गर्मी अपने चरम पर होगी, तब अस्पताल का संचालन आखिर कैसे संभव होगा?
स्वर्णरेखा नदी से पानी लाने की परियोजना अधूरी
1–1.5 माह में पूरा होने का दावा
सरयू राय ने उस परियोजना का भी निरीक्षण किया, जिसके तहत स्वर्णरेखा नदी से पानी खींचकर एमजीएम अस्पताल तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
इंटकवेल स्थल पर मौजूद सुपरवाइजर ने उन्हें बताया कि एक से डेढ़ महीने में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, तब तक अस्पताल को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
डिमना और डोबो से पानी लेने के सुझाव पर नहीं हुई कार्रवाई
मानगो के हिस्से का पानी काटकर दी जा रही आपूर्ति
सरयू राय ने कहा कि उन्होंने पहले ही सुझाव दिया था कि टाटा स्टील द्वारा डिमना लेक से आने वाले पानी में से कुछ पानी फौरी तौर पर एमजीएम अस्पताल को दिया जाए, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसी तरह डोबो डैम से पानी लेने का सुझाव भी नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मानगो के लोगों के हिस्से का पानी काटकर अस्पताल को दिया जाएगा, तो गर्मी के दिनों में मानगो की जनता को भारी जलसंकट का सामना करना पड़ेगा, जबकि कई मोहल्लों में पहले से ही पानी नहीं पहुंच रहा है।
पानी की कमी से ठप हो रहा अस्पताल का काम, कई जरूरी ऑपरेशन स्थगित
सरयू राय ने बताया कि पानी की किल्लत के कारण अस्पताल का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
बुधवार को कई अत्यावश्यक ऑपरेशन स्थगित करने पड़े
गुरुवार को नगर निगम द्वारा 1.20 लाख लीटर पानी टैंकर से भेजे जाने के बावजूद कई ऑपरेशन फिर से टालने पड़े
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आईसीयू, हड्डी विभाग, गायनोलॉजी विभाग और ऑपरेशन थिएटर का दौरा किया तथा चिकित्सकों और उप अधीक्षक से बातचीत की। सभी ने एक स्वर में पानी की समस्या को गंभीर बताया।
जिम्मेदारी से नहीं बच सकते बन्ना गुप्ता: सरयू राय
सार्वजनिक रूप से जवाब दें
सरयू राय ने कहा कि उद्घाटन के समय भी उन्होंने विरोध दर्ज कराया था और कहा था कि शायद यह देश का पहला अस्पताल है, जिसे बिना पानी की व्यवस्था के शुरू किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले पांच वर्षों में न स्वास्थ्य मंत्री ने और न ही स्वास्थ्य विभाग ने यह सोचा कि अस्पताल में पानी कैसे आएगा।
अंत में सरयू राय ने स्पष्ट कहा कि आज एमजीएम अस्पताल में पानी की कमी से जो भी अव्यवस्था और परेशानी हो रही है, उसकी पूरी जिम्मेदारी बन्ना गुप्ता को लेनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि बन्ना गुप्ता बताएं कि क्षुद्र राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव से पहले बिना पानी की व्यवस्था किए अस्पताल का उद्घाटन क्यों कराया गया।






