जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिले — इस उद्देश्य से पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सोमवार को अस्पताल सभागार में समीक्षा बैठक की और उसके बाद पूरे अस्पताल का निरीक्षण भी किया। बैठक में उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि मरीजों को असुविधा न हो और हर विभाग में चिकित्सकों की उपस्थिति समय पर सुनिश्चित की जाए।


बैठक के दौरान उपायुक्त ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि:
ओपीडी तय समय पर खुले और संचालित हो।
हर विभाग में चिकित्सकों और पारा मेडिकल स्टाफ की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य की जाए।
वरिष्ठ चिकित्सक भी जूनियर डॉक्टरों के साथ मौजूद रहें।
सभी विभागों में रोस्टर के अनुसार ड्यूटी का कड़ाई से पालन हो।
साफ-सफाई से लेकर मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति तक, हर पहलू की समीक्षा


इन बिंदुओं पर भी सख्त निर्देश दिए:
अस्पताल परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
खुले स्थानों को पार्किंग के लिए मानगो नगर निगम को सौंपा जाए और 15 दिनों में व्यवस्था लागू हो।
ट्रॉली बॉय और सहायक स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए।
एक्स-रे और यूएसजी मशीनों को क्रियाशील किया जाए, कतार प्रबंधन प्रणाली अपनाई जाए।
अनधिकृत प्रवेश को रोका जाए।
चिकित्सीय उपकरणों का मेंटेनेंस नियमित रूप से हो।
दवाओं का स्टॉक पर्याप्त हो, मरीजों को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े
उपायुक्त ने कहा कि अस्पताल में दवाओं की पूर्व योजना के साथ खरीदारी हो, ताकि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने की नौबत न आए।
प्रभावी साइन बोर्ड (साइनज) लगाए जाएं।
एम्बुलेंस ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जाए।
एम्बुलेंस प्रबंधन के लिए अलग कक्ष की स्थापना हो।


मरीजों से भी की बातचीत, जमीनी हकीकत की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधा संवाद किया और उनसे पूछा कि उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं और किस चीज की कमी है।
वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
इस मौके पर एनईपी निदेशक श्री संतोष गर्ग, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके मंधान, उपाधीक्षक डॉ. जुझार माझी सहित अन्य प्रशासनिक व अस्पताल अधिकारी उपस्थित रहे।



