
चुनावी बयानबाजी को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
जमशेदपुर : नगर निगम चुनाव के माहौल में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर महिलाओं में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। इस मामले में कविता परमार ने पूर्वी सिंहभूम जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए पूर्व मंत्री के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई है।

असार्वजनिक महिला को बयान में जोड़ने पर आपत्ति
जनता में आक्रोश, महिला सम्मान से जुड़ा मामला
कविता परमार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पूर्व मंत्री द्वारा अपने एक भाषण के दौरान एक असार्वजनिक महिला का नाम लेकर टिप्पणी करना अत्यंत अकल्पनीय और निंदनीय है। जिस महिला का उल्लेख किया गया है, वह न तो किसी राजनीतिक दल से जुड़ी हैं, न ही किसी सार्वजनिक मंच या चुनावी प्रक्रिया से उनका कोई लेना-देना है।
इस प्रकार किसी निजी महिला को राजनीतिक विमर्श में घसीटना समाज में गलत संदेश देता है और महिला सम्मान के खिलाफ है।
आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हवाला
चार बिंदुओं में दर्ज की गई आपत्ति
पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि इस तरह की टिप्पणी आदर्श चुनाव आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है—
- MCC Part-I (General Conduct)
आदर्श आचार संहिता में स्पष्ट प्रावधान है कि कोई भी प्रत्याशी या नेता राजनीतिक विरोध के दौरान किसी के निजी जीवन, चरित्र या असंबंधित व्यक्तियों पर टिप्पणी नहीं करेगा। - Election Commission of India Circular
निर्वाचन आयोग के अनुसार अपमानजनक, इशारात्मक या मानहानिकर बयान, विशेषकर जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हों, वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं। - ECI Advisory on Responsible Campaigning
महिलाओं के सम्मान से जुड़े निर्देशों में कहा गया है कि चुनाव प्रचार में ऐसी भाषा से बचा जाए, जिससे महिलाओं की प्रतिष्ठा, निजता और सम्मान प्रभावित हो। - चुनावी माहौल पर नकारात्मक प्रभाव
इस प्रकार के बयान अन्य प्रत्याशियों को भी अनुचित व्यक्तिगत टिप्पणियों के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, जिससे पूरा चुनावी वातावरण दूषित होता है।
जमशेदपुर पहले भी हो चुका है शर्मसार: कविता परमार
महिला सम्मान से जुड़ा है पूरा मुद्दा
कविता परमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व मंत्री के असंवेदनशील और मर्यादाहीन व्यवहार से पहले भी जमशेदपुर शर्मसार हो चुका है और एक बार फिर इस तरह की बयानबाजी ने महिला सम्मान को ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के धैर्य की परीक्षा लेना ठीक नहीं है और ऐसे मामलों में निर्वाचन आयोग को सख्त संज्ञान लेना चाहिए।
कई महिला सदस्य रहीं मौजूद, एकजुट होकर जताया विरोध
इस अवसर पर मंजू सिंह सहित अन्य गणमान्य महिला सदस्य भी उपस्थित रहीं और सभी ने एक स्वर में महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा की मांग की।





