सरयू राय बोले – “अब केबुलवासी जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी करें”
जमशेदपुर : जमशेदपुर के केबुल टाउन इलाक़े के निवासियों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। झारखंड उच्च न्यायालय ने एक लंबित रिट याचिका का निपटारा करते हुए हर घर में अलग-अलग बिजली कनेक्शन देने का आदेश दे दिया है। यह जानकारी जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने साझा की।
कोर्ट के आदेश से खुला नया रास्ता
सरयू राय ने बताया कि इससे पहले उच्च न्यायालय ने एक वर्ष पूर्व अंतरिम आदेश में यह कहा था कि केबुल टाउन के लोग टाटा स्टील यूआईएसएल (TSUISL) के यहां आवेदन देकर बिजली कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं। टीएसयूआईएल इसके लिए तैयार था, लेकिन केबुलवासियों की ओर से जरूरी पहल नहीं की गई।
अब जब कोर्ट का अंतिम आदेश आ चुका है, तो सरयू राय ने केबुलवासियों से अपील की है कि वे शीघ्रता से आवेदन करें और बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी करें।
9 वेंडरों की महंगी बिजली से मिलेगा छुटकारा
अब तक केबुल टाउन में बिजली की आपूर्ति 9 निजी वेंडरों के माध्यम से होती थी, जिससे उपभोक्ताओं को महंगी दर पर बिजली लेनी पड़ती थी। लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद अब हर उपभोक्ता को सीधे टीएसयूआईएल से सस्ती और नियमित बिजली मिलेगी।
सरयू राय ने कहा कि टीएसयूआईएल अब अपने वेंडरों से हिसाब-किताब कर केबुल क्षेत्र को नियमित आपूर्ति दे सकेगा।
केबुलवासियों के लिए विशेष सहयोग
सरयू राय ने जानकारी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो वे कैम्प लगाकर बिजली कनेक्शन के फॉर्म भरवाएँगे और उनके सहयोगी इसमें जनता की मदद करेंगे।
विधायक ने सभी केबुलवासियों से अपील की कि वे जल्द से जल्द आवेदन करें ताकि लंबे समय से चली आ रही असुविधा का समाधान हो सके।
टाटा स्टील यूआईएसएल और जनता को धन्यवाद
सरयू राय ने इस आदेश को सफल बनाने में सहयोग देने वाले टाटा स्टील यूआईएसएल, दिवालिया केबुल कंपनी के प्रोफेशनल रेज़ोल्यूशन अधिकारी, और उच्च न्यायालय के समक्ष सहयोगात्मक रुख अपनाने वालों को धन्यवाद दिया।
पेयजल, सड़क के बाद अब बिजली भी
विधायक सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर पूर्वी के विधायक रहते हुए उन्होंने केबुल टाउन में घर-घर पेयजल कनेक्शन और सड़क निर्माण का कार्य कराया था। अब बिजली कनेक्शन की राह भी उनके लंबे संघर्ष का परिणाम है।
उन्होंने कहा:
“मुझे हार्दिक प्रसन्नता है कि जिस मांग को वर्षों पहले उठाया था, आज उसका फल जनता को मिल रहा है। यह जन आंदोलन की जीत है।”



