माता-पिता के सम्मान और पारिवारिक मूल्यों का दिया गया संदेश
जमशेदपुर : भारतीय संस्कृति में माता-पिता को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इसी सांस्कृतिक मूल्यों को विद्यार्थियों के जीवन में आत्मसात कराने के उद्देश्य से केरला पब्लिक स्कूल, गम्हरिया में शनिवार को जननी दिवस श्रद्धा, सम्मान और संस्कारों के साथ भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह भक्ति, प्रेम और पारिवारिक भावनाओं से सराबोर नजर आया।

चेयरपर्सन श्रीमती मनोरमा नायर ने कराया पूजन कार्यक्रम
जननी दिवस के अवसर पर विद्यालय की चेयरपर्सन श्रीमती मनोरमा नायर के सान्निध्य में विधिवत मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता का तिलक कर, पुष्प अर्पित किए तथा चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यह दृश्य न केवल भावुक था, बल्कि संस्कारों से जुड़ा एक सशक्त संदेश भी दे रहा था।
माता-पिता प्रथम गुरु, संस्कारवान समाज की नींव: वक्ता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि माता-पिता ही हमारे प्रथम गुरु होते हैं और उनके सम्मान से ही एक संस्कारवान, सशक्त और नैतिक समाज का निर्माण संभव है। बच्चों को जीवन में सफलता के साथ-साथ संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया गया।
नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों ने बढ़ाया कार्यक्रम का आकर्षण
जननी दिवस समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा नृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें मातृत्व, पारिवारिक प्रेम और भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को भावविभोर कर दिया।


पश्चिमी संस्कृति से बढ़ती पारिवारिक दूरियों पर जताई चिंता
वक्ताओं ने अपने संबोधन में पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव से बढ़ती पारिवारिक दूरियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मातृ-पितृ पूजन दिवस युवाओं को अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध कराता है। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को जागृत करने का एक सशक्त अभियान है।
अभिभावकों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में संस्कार, कृतज्ञता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
शिक्षकों के योगदान से सफल हुआ आयोजन
जननी दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, उप-प्रधानाध्यापिका एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने समर्पण और समन्वय के साथ कार्यक्रम को गरिमामय रूप प्रदान किया।




