
एंटी करप्शन फाउंडेशन और पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक में बनी रणनीति
जमशेदपुर : शहर में बढ़ती आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या को लेकर अब प्रशासन सख्त मोड में आ गया है। एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ़ वर्ल्ड एवं पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त तत्वावधान में हुई बैठक में इस गंभीर मुद्दे पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक का नेतृत्व झारखंड प्रदेश महासचिव शशि आचार्य ने किया।
प्रतिनिधियों ने बताया कि शहर की सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर तेजी से बढ़ रही सांड, मवेशियों और जंगली/आवारा कुत्तों की संख्या आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है।

सड़क हादसे और हमलों की बढ़ती घटनाएँ
प्रतिनिधिमंडल ने भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतिंद्र नारायण को बताया कि:
आवारा सांडों के कारण सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।
हाल के दिनों में जंगली सांडों के हमलों में कई महिलाएँ गंभीर रूप से घायल हुई हैं।
कुछ घटनाओं में मौतें भी दर्ज की गई हैं।
आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाएँ तेजी से बढ़ी हैं।
मंगलवार से शुरू होगा अभियान: बनेगी 10 सदस्यीय विशेष टीम
सभी चिंताओं को सुनने के बाद डॉ. ज्योतिंद्र नारायण ने बताया कि:
“मंगलवार से शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान प्रारंभ कर दिया जाएगा।”
उन्होंने जानकारी दी:
10 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है।
आवारा पशुओं की पहचान और सर्वे शुरू होगा।
सांडों को बेहोश कर पकड़ने की व्यवस्था तैयार है।
पकड़े गए सांडों को गौशाला में स्थानांतरित किया जाएगा।
आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी।
कुछ डॉक्टरों के अस्वस्थ होने की वजह से देरी हुई थी, अब नए डॉक्टरों की बहाली प्रक्रिया जारी है।
बैठक में मौजूद रहे प्रतिनिधि
इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल थे:
शशि आचार्या – महासचिव
रविंद्र कौर – जिला अध्यक्ष
सुनील गुप्ता – पंचायत समिति सदस्य
धर्मदास माडी – मुखिया
राजू पात्रो – उप मुखिया
एवं अन्य सामाजिक प्रतिनिधि





