
बच्चों के लिए दोगुना करेंगे बजटः वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
खास बातें
जिस समाज का बचपन भूखा हो, उसकी जवानी भी कमजोर होती है
“मेरे बचपन के पाँच साल जमशेदपुर में बीते”— वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
दो साल के बच्चे को मोबाइल न दिया जाए — डीबी सुंदरारामम
बच्चों के बारे में समाज को गंभीरता से सोचना होगा — सरयू राय
बाल मेला अब शहर की पहचान बन रहा है — गोविंद दोदराजका

वित्त मंत्री बोले—अगले बजट में बच्चों के लिए 18 हजार करोड़ का लक्ष्य
जमशेदपुर : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड सरकार अगले बजट में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बाल बजट को बढ़ाकर 18,000 करोड़ रुपये करने का प्रयास करेगी। वे स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चतुर्थ बाल मेला के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस समाज का बचपन कमजोर होता है, उस समाज की जवानी भी कमजोर हो जाती है। इसलिए बचपन के महत्व को समझना बेहद जरूरी है।
“जमशेदपुर मेरा दूसरा पैतृक शहर” — राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री ने कहा कि वे अपने बचपन के दिनों में लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि वे पाँच साल तक जमशेदपुर में रहे हैं और इसे अपना दूसरा पैतृक शहर मानते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि एनएचआरएम की रिपोर्ट बताती है कि झारखंड में शून्य से पाँच साल के 40–59% बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, जबकि 35–59% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं।
वे बोले—“यदि बच्चा स्वस्थ होगा, तभी झारखंड की पवित्रता और ऊर्जा दिखेगी।”
सीएसआर फंड बच्चों पर खर्च हो, एलईडी–प्यूरीफायर पर नहीं—वित्त मंत्री
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड के कई बैंक यह भी नहीं जानते कि उनके पास सीएसआर फंड कितना है।
उन्होंने खुलासा किया कि सीएसआर फंड का उपयोग थानों में सीलिंग फैन लगाने और एलईडी–प्यूरीफायर लगाने में किया जा रहा है, जबकि यह फंड बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च होना चाहिए।
उन्होंने घोषणा की कि वे रांची लौटकर बैंक अधिकारियों को बुलाएंगे और इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्देश देंगे। साथ ही टाटा स्टील से आग्रह किया कि वह जिले की एक पंचायत को अपनाकर उसे कुपोषण मुक्त बनाएं।
“दो साल के बच्चे को मोबाइल न पकड़ाएं”—डीबी सुंदरारामम
मुख्य अतिथि के बाद संबोधन देते हुए टाटा स्टील के वीपी डीबी सुंदरारामम ने कहा कि आज माता-पिता बच्चों को चुप कराने के लिए मोबाइल थमा देते हैं, जो बेहद गलत है।
उन्होंने कहा—“दो साल के बच्चे को मोबाइल से खेलने देना उसकी वृद्धि पर खराब असर डालता है।”
वे बोले कि पुराने संस्कारों को छोड़कर लोग पश्चिमी संस्कृति में डूब गए हैं। खेल, बातचीत और पारिवारिक समय बच्चों के लिए बेहद जरूरी है।

“बाल मेला की नींव 2022 में रखी गई”—सरयू राय
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कहा कि कोरोना काल ने बच्चों के मनोविज्ञान पर गहरा असर छोड़ा था। इसलिए 2022 में बाल मेला शुरू किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों के विकास के लिए हर साल 9100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित करती है, लेकिन यह देखना होगा कि यह राशि किस तरह और कहां खर्च होती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जमशेदपुर में खेल मैदान लगातार कब्ज़े की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। “बच्चों के लिए नए मैदान तलाशने होंगे।”
“बाल मेला शहर की पहचान बनता जा रहा है”—गोविंद दोदराजका
मेला संरक्षक गोविंद दोदराजका ने कहा कि बाल मेला अब जमशेदपुर की पहचान बन चुका है और आगामी वर्ष इसका पाँचवाँ संस्करण और भी भव्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज की पीढ़ी को संवाद के लिए समय नहीं मिल पा रहा, जो चिंता का विषय है।
खेल, संस्कार और बच्चों की भागीदारी पर जोर
चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि इस मेले में बच्चों को कबड्डी, खो-खो जैसे पारंपरिक खेलों से जोड़ा जा रहा है, जो नए संस्कारों को जन्म देगा।
इस अवसर पर सतीश मिश्रा की पुस्तक ‘जंगल एडवेंचर्स’ का लोकार्पण भी किया गया।

शानदार उद्घाटन—बैलून रिलीज, स्टॉल निरीक्षण, दीप प्रज्ज्वलन
वित्त मंत्री और डीबी सुंदरारामम ने बैलून उड़ाकर मेले का विधिवत उद्घाटन किया।
इसके बाद उन्होंने मेला परिसर में लगे 50 स्टॉलों का भ्रमण किया और स्टॉल संचालकों से बातचीत की।
दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गान के साथ कार्यक्रम औपचारिक तौर पर शुरू हुआ।
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में सृजित प्रथम
चतुर्थ बाल मेले में आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के सीनियर विंग में सृजित भारती प्रथम जबकि अभिनव पटेल द्वितीय रहे। जूनियर विंग में अर्नीत प्रथम, कृष्णा द्वितीय और अलीशा तृतीय रहे।
दीप यज्ञ आयोजित
चतुर्थ बाल मेले में गायत्री परिवार की तरफ से दीप यज्ञ किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। दीप यज्ञ के साथ ही गीत और मंत्रों का जाप चलता रहा।

अतिथियों का स्वागत और आयोजनकर्ताओं का सराहनीय योगदान
वित्त मंत्री का स्वागत आशुतोष राय ने अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर किया।
इसके पश्चात सरयू राय, सुंदरारामम, मानव केडिया, गोविंद दोदराजका, चंद्रशेखरन सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक गोयल, नीरज सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, सुधीर सिंह, पिंटू सिंह, ममता सिंह, मंजू सिंह, अनिकेत सिंह सावरकर, विनीत, मार्शल मुर्मू आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




