
जमशेदपुर : भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने झारखंड बजट 2026-27 को लेकर राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने बजट को “दिशाहीन, जनविरोधी और आंकड़ों का खेल” करार देते हुए कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े वादों और आकर्षक योजनाओं के नाम पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
दिनेश कुमार ने कहा कि राज्य आज बेरोजगारी, उद्योगों के पलायन, बिजली संकट और कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नजर नहीं आता। उनके अनुसार, आंकड़ों की प्रस्तुति प्रभावशाली हो सकती है, परंतु उससे आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव नहीं आएगा।
पूंजी निवेश और उद्योग नीति पर सवाल
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बजट में पूंजीगत निवेश बढ़ाने और निजी उद्योगों को प्रोत्साहन देने की स्पष्ट नीति का अभाव है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में निवेश का माहौल नहीं बनेगा, तो रोजगार सृजन की संभावनाएं भी सीमित रह जाएंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि युवा वर्ग, व्यापारी समुदाय और मध्यम वर्ग को इस बजट से किसी प्रकार की ठोस राहत नहीं मिली है। न तो स्वरोजगार को बढ़ावा देने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है और न ही छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूती देने का कोई व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।
“चुनावी दस्तावेज” जैसा बजट
दिनेश कुमार ने बजट को विकासोन्मुखी दस्तावेज के बजाय “आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया राजनीतिक दस्तावेज” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकलुभावन घोषणाओं के माध्यम से सरकार जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाना चाहती है।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरती रहेगी और इस बजट का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी, ताकि राज्य की जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।





