
सर सी.वी. रमण की खोज ‘रमन प्रभाव’ को समर्पित रहा आयोजन
जमशेदपुर : डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन के साइंस क्लब की ओर से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस बड़े ही उत्साह, उमंग और वैज्ञानिक सोच के साथ मनाया गया। यह आयोजन महान भारतीय भौतिक विज्ञानी C. V. Raman द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की ऐतिहासिक खोज को समर्पित रहा। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को गरिमामय बना दिया।

डॉक्यूमेंट्री, कविता और विज्ञान नाटक ने बांधा समां
इस अवसर पर बी.एड. प्रशिक्षुओं के लिए कई ज्ञानवर्धक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्रों को सर सी.वी. रमण के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए एक प्रेरक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई। फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों ने जाना कि किस प्रकार भारतीय वैज्ञानिकों ने विश्व मंच पर अपनी पहचान स्थापित की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भी विज्ञान की झलक दिखाई दी। हिंदी में विज्ञान आधारित कविता राजा और तनिष्का ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की, जबकि अंग्रेजी कविता रश्मि और अरुंधती ने सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विज्ञान नाटक ‘जब गूगल बन जाए गुरु’ रहा, जिसमें डिजिटल युग में तकनीक पर बढ़ती निर्भरता और उसके सकारात्मक-नकारात्मक पहलुओं को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त विज्ञान प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान विद्यार्थियों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने भावी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच विकसित करने का प्रयास करें। उन्होंने वैज्ञानिक चेतना को समय की आवश्यकता बताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।
उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल ने अपने वक्तव्य में विकसित भारत के निर्माण में विज्ञान और तकनीक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र प्रगति भारत को एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर कर रही है।

सफल आयोजन में शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन अमृता और मनप्रीत ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रत्येक्षा द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजन को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा भारती और अमृता चौधरी की विशेष भूमिका रही।
इस अवसर पर कॉलेज की सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह-सचिव सुधा दिलीप सहित सभी शिक्षिकाएं, कर्मचारीगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच का वातावरण देखने को मिला, जिसने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उद्देश्य को सार्थक कर दिया।






