Chaibasa (West Singhbhum) : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की गुवा खदान में ठेका कर्मियों और ड्राइवरों के अपग्रेडेशन को लेकर गंभीर असंतोष पनप रहा है। इसी मुद्दे पर रविवार को सशक्त संयुक्त मोर्चा के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक की गई, जिसमें झारखंड मजदूर यूनियन, बीएमएस, क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, सीटू यूनियन के प्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में ठेका कर्मी शामिल हुए।
सेल प्रबंधन पर भेदभाव का आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड मजदूर यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार ने कहा कि गुवा सेल प्रबंधन बीते 12 वर्षों से ठेका कर्मियों और ड्राइवरों के अपग्रेडेशन की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने इसे पूर्णतः अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि यह व्यवहार श्रम कानूनों और नैतिकता दोनों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसे सैकड़ों कर्मी हैं जो वर्षों से अस्थायी कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी नहीं किया गया और ना ही कोई पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई।
48 घंटे में सकारात्मक पहल नहीं, तो उग्र आंदोलन
हेमराज सोनार ने चेतावनी दी कि यदि 2 दिनों के भीतर सेल प्रबंधन ठेका कर्मियों के अपग्रेडेशन को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाता, तो सशक्त संयुक्त मोर्चा द्वारा जनरल ऑफिस के सामने उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसके साथ ही मामला चाईबासा स्थित श्रम आयुक्त कार्यालय (ELC) में भी उठाया जाएगा।
बैठक में ये थे उपस्थित
बैठक में समीर पाठक (बीएमएस), मुकेश लाल, लक्ष्मी नारायण पात्रो, राकेश सुंडी, वूलन राय चौधरी, मनोज गोप, विशाल समेत खदान में कार्यरत अनेक ठेका कर्मियों ने उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
ठेका श्रमिकों की उपेक्षा से भड़का असंतोष
बताया जाता है कि गुवा सेल खदान में कार्यरत ठेका कर्मियों की यह नाराजगी लंबे समय से चले आ रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार का नतीजा है। यूनियनों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्याओं का हल नहीं हुआ, तो यह मुद्दा एक बड़े औद्योगिक आंदोलन का रूप ले सकता है।



