11 महीने के समझौता पत्र, बोनस, और मजदूरी से जुड़ी 6 प्रमुख मांगें उठाईं
जमशेदपुर : कोल्हान प्रमंडल में कार्यरत ठेका एवं असंगठित मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आज संयुक्त श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने उप श्रमायुक्त, कोल्हान को एक छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। यह प्रतिनिधिमंडल झारखंड श्रमिक संघ, झारखंड असंगठित मजदूर यूनियन, झारखंड वर्कर्स यूनियन और सिंहभूम ठेकेदार कामगार यूनियन के नेतृत्व में बनाया गया था।

मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- 11 महीने का जबरन “समझौता पत्र” बंद हो:
ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों पर एकतरफा शर्तों वाला 11 महीने का कार्यकाल थोपने की प्रथा को तुरंत रोका जाए। - बोनस का भुगतान सुनिश्चित हो:
सभी ठेका मजदूरों को त्योहार से पूर्व बोनस का भुगतान हो और वह भी स्थायी कर्मियों के बराबर दर पर। - स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेका श्रम की समाप्ति हो:
जिन कार्यों की प्रकृति स्थायी है, वहां ठेका प्रथा खत्म की जाए। - मजदूर अधिकारों की पूर्ण गारंटी मिले:
न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, कैंटीन, शौचालय जैसे बुनियादी अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। - महंगाई भत्ते की अधिसूचना तुरंत जारी हो:
दिनांक 01/04/2025 से देय परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) की अधिसूचना जारी कर तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। - डिजिटल के साथ कागजी अटेंडेंस कार्ड भी दें:
डिजिटल हाजिरी के अतिरिक्त श्रमिकों को प्रतिदिन कार्य समय का भौतिक रिकॉर्ड यानी अटेंडेंस कार्ड भी उपलब्ध कराया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
यूनियनों ने यह स्पष्ट किया कि यदि श्रम विभाग द्वारा मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो संयुक्त रूप से कोल्हान क्षेत्र में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
शामिल यूनियन प्रतिनिधि:
शैलेन्द्र मैती – अध्यक्ष, झारखंड श्रमिक संघ
स्वपन घोषाल – झारखंड असंगठित मजदूर यूनियन
ओम प्रकाश सिंह – झारखंड वर्कर्स यूनियन
नागराजू – सिंहभूम ठेकेदार कामगार यूनियन
रमेश मुखी, चुड़ा हांसदा, सुनीता मुर्मू, धीरज मुखी, सुमंत मुखी, प्रभाकर विश्वकर्मा, नरसिंह राव, संजय कुमार, शत्रुघ्न प्रसाद आदि।



