काले श्रम कानून के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी की अगुवाई में भाजपा सरकार द्वारा लाए गए कथित काले श्रम कानून के खिलाफ शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रम मंत्री मनसुख मानडविया का पुतला दहन कर केंद्र सरकार पर श्रमिकों के अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमिटी के जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह और वरिष्ठ मजदूर नेताओं ने किया।
श्रमिकों के अधिकार खत्म करने की साजिश”—कांग्रेस
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मोदी सरकार श्रमिकों के मूल अधिकारों को कमजोर कर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह और अन्य नेताओं ने कहा कि—
मोदी सरकार श्रमिकों के अधिकारों का लगातार हनन कर रही है।
नए कानून के कारण अब मजदूर अपने अधिकारों के लिए यूनियन भी नहीं बना सकते।
यह कानून देश में सामंतवादी प्रणाली को बढ़ावा देता है।
वरिष्ठ नेताओं की रही उपस्थिति
इस मौके पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद थे—
विजय खान
आनंद बिहारी दुबे (पूर्व जिला अध्यक्ष)
डॉ. परितोष सिंह
रियाजुद्दीन खान
अंसार खान
रजनीश सिंह
आदि।
यूनियन गठन पर रोक—“श्रमिकों का मुंह बंद करना चाहती है भाजपा”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले किसी भी संस्थान में सिर्फ 7 कर्मचारी होने पर यूनियन बन सकती थी, जबकि नए नियमों ने इसे लगभग असंभव कर दिया है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप—
अब यूनियन गठन का अधिकार व्यवहारिक रूप से खत्म कर दिया गया है।
यह मजदूरों को कमजोर और आवाजहीन बनाने की साजिश है।





