जमशेदपुर: जमशेदपुर के सक्रिय समाजसेवी चंदन यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें जानबूझकर 29 अगस्त को एक षड्यंत्र के तहत जेल भेजा गया, जिसका मकसद उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करना था। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ दर्ज केस का कोई औचित्य नहीं था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा उन्हें योजनाबद्ध तरीके से फंसाने का प्रयास किया गया।
न्यायालय से मिली राहत, पत्नी सपना यादव ने निभाई अहम भूमिका
चंदन यादव ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास था, और अंततः उन्हें माननीय न्यायालय से जमानत मिल गई, जो इस बात का प्रमाण है कि सच्चाई की जीत होती है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी पत्नी सपना यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि: “जब मैं जेल में था, तब सपना ने पूरे साहस और निडरता के साथ मोर्चा संभाला। उन्होंने मेरी सच्चाई को अदालत में मजबूती से रखा, जिससे मुझे जमानत मिल सकी।
कोविड काल का समाजसेवा बना साजिश की वजह?
चंदन यादव ने यह भी कहा कि कोविड महामारी के समय उन्होंने जरूरतमंदों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि मैंने महामारी के समय भोजन, दवा और सहायता पहुँचाने का काम किया। शायद यही बात कुछ लोगों को रास नहीं आई और मेरे समाजसेवी कार्यों को ‘राजनीति’ का नाम देकर मेरे खिलाफ माहौल बनाया गया। उन्होंने कहा कि ये सब उनकी समाज सेवा की राह को नहीं रोक पाएंगे, और वे आगे भी जनता की सेवा जारी रखेंगे।



