टाटानगर स्टेशन चौक पर एकदिवसीय धरना, न्यायिक जांच की मांग उठी
जमशेदपुर : भाजपा ने सोमवार को टाटानगर स्टेशन चौक पर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन कर बागबेड़ा की जनता को साफ पानी नहीं मिलने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
पार्टी नेताओं ने दावा किया कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना और हाउसिंग कॉलोनी जल योजना में लगभग ₹600 करोड़ का घोटाला हुआ है। धरने के माध्यम से फिल्टर प्लांट में घटिया निर्माण, अधूरे काम और लापरवाही को उजागर किया गया और मामले की न्यायिक जांच की मांग की गई।
शुरुआत 2015 में, लेकिन आज तक नहीं मिला एक बूंद स्वच्छ जल
भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा कि 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया था। 2018 तक परियोजना पूर्ण होनी थी, लेकिन दस वर्ष बाद भी कार्य अधूरा है। अब तक 300 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, और यह राशि दोगुनी होकर 600 करोड़ तक पहुंच गई है।
जनता अब भी पानी की एक बूंद को तरस रही
धरने के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि “इतना भारी खर्च होने के बावजूद आज तक क्षेत्र की जनता को एक बूंद भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया है।” इस आंदोलन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने “पानी नहीं, तो सरकार नहीं” जैसे नारों के साथ जनआक्रोश प्रकट किया।


धरना स्थल पर प्रमुख चेहरे
धरने में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें शामिल थे:
सुधांशु ओझा (जिलाध्यक्ष)
देवेंद्र सिंह
दिनेश कुमार
सुबोध झा
रमेश हांसदा
राकेश तिवारी
विमल अग्रवाल
अनिल सिंह



