पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने किया बाल मेले का समापन

पूर्वी सिंहभूम को ‘बाल मित्र जिला’ बनाने के सरयू राय के प्रस्ताव का पूर्व सीएम ने किया समर्थन
चतुर्थ बाल मेला 2025 का भव्य समापन
• 7 दिनों में 10,000+ बच्चे शामिल • 18 प्रतियोगिताएँ •

जमशेदपुर : चतुर्थ बाल मेला 2025 के समापन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह मेला बच्चों को रचनात्मकता, आत्मीयता और जीवन मूल्यों से जोड़ने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने सरयू राय द्वारा पूर्वी सिंहभूम जिले को ‘बाल मित्र जिला’ बनाने के लिए प्रस्तुत घोषणा पत्र का स्वागत करते हुए कहा कि समाज को केवल वस्तुओं का नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का निर्माण भी सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा—
“बालपन वह आधार है, जहां से जीवन की ऊँचाइयाँ तय होती हैं। हमें बच्चों के परिवेश और संस्कारों को सुरक्षित व सकारात्मक बनाना होगा।”
उन्होंने कहा कि आज के दौर में आत्मीयता और संवेदनशीलता कम होती जा रही है, ऐसे समय में यह मेला समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिकता की भावना जगाता है। कोविड-19 के कठिन दौर के बाद इतनी बड़ी भागीदारी होना अपने आप में प्रेरणादायक है।

सरयू राय ने पढ़ा ‘जमशेदपुर घोषणापत्र’
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक एवं मेला संरक्षक सरयू राय ने बताया कि—
7 दिनों में 18 तरह के इवेंट आयोजित हुए
जमशेदपुर के विभिन्न हिस्सों से 10,000 से अधिक बच्चे शामिल हुए
कुल 42 स्टॉल लगाए गए
कूड़ा चुनने वाले और स्कूल से दूर बच्चे भी मेले में सम्मिलित किए गए
सरयू राय ने ‘जमशेदपुर घोषणा पत्र’ पढ़कर आमजन को समर्पित किया और वादा किया कि पांचवां बाल मेला इससे भी अधिक शानदार होगा।

समापन समारोह में आए अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और अतिथियों का शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। सम्मान पाने वालों में शामिल रहे—
अर्जुन मुंडा — नीरज सिंह, ममता ठाकुर
सरयू राय — हरेराम सिंह
मनोज कुमार सिंह — रंजीत
जयनेंदू — अर्जुन यादव, पूनम
संजीव चौधरी — गोल्डन पांडेय, धर्मेंद्र प्रसाद
आर.के. सिंह — विजय सिंह, सुष्मिता सरकार
अमरप्रीत सिंह काले — अनिकेत सावरकर, संतोष भगत
सुधांशु ओझा — हेमंत पाठक, लालू गौड़
शिवकुमार सिंह — पिंटू सिंह, अशोक कुमार
शुभू सिंह — हेमंत पाठक, पप्पू सिंह
राजीव सिंह — सपना टांडी, रवि ठाकुर
अनिल कुमार शर्मा — मलिका प्रमाणिक
राम प्रकाश पांडेय — मनोज सिंह
अशोक गोयल — मार्शल मुर्मू
शैलेंद्र सिंह — संतोष सिंह चौहान
शिवशंकर सिंह — विनीत कुमार
इसके अलावा फूलों से बनी विशेष कलाकृति मनीता महतो ने अर्जुन मुंडा को भेंट की। प्रख्यात चित्रकार दीपांकर कर्मकार भी इस दौरान उपस्थित रहे।

निर्णायक मंडल का सम्मान
विभिन्न खेलों और प्रतियोगिताओं के निर्णायकों का भी सम्मान किया गया—
एथलेटिक्स: सुचिंद्र सिंह एवं टीम
खो-खो व कबड्डी: सुखदेव सिंह व टीम
क्विज/गीत-संगीत: नारायण नायडू व टीम
पेंटिंग व कुश्ती: सोमनाथ बनर्जी, श्यामा प्रसाद बनर्जी व टीम
ताइक्वांडो: गोपाल कुमार व टीम
बाल वैज्ञानिक प्रतियोगिता : विजेताओं की घोषणा
चार समूहों में हुई बाल वैज्ञानिक प्रतियोगिता में विजेता रहे—
प्रथम स्थान: अयंक राज, आयुष कुमार, श्रीराम दुबे, विवेक कुमार
द्वितीय स्थान: अंश कुमार, किसलय पॉल
तृतीय स्थान: अंश कुमार सिन्हा
मंच संचालन आशुतोष राय, स्वागत भाषण अशोक गोयल और धन्यवाद ज्ञापन सुधीर सिंह ने किया।

बाल मित्र जिला के लिए संकल्प
हम संकल्प लेते हैं कि है कि झारखण्ड को बाल शोषण मुक्त राज्य बनाना है, अतः
- पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रहे बाल संरक्षण प्रयासों को आधिकारिक रूप से “बाल मित्र जिला अभियान” का रूप दिया जाए।
- चिन्हित प्रखंडों के साथ शेष सभी प्रखंडों में भी समन्वित मैपिंग, सुरक्षा एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।
- जिला स्तर पर सभी विभागों के संयुक्त संचालन हेतु बाल मित्र जिला टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
- विद्यालय, आंगनबाड़ी, पंचायत, पुलिस, स्वास्थ्य एवं श्रम विभाग के साथ नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
- जिला प्रशासन के सहयोग से पूर्वी सिंहभूम जिला आने वाले समय में बच्चों के लिए पूर्णत: सुरक्षित, सहायक एवं विकासोन्मुख वातावरण बनाकर झारखण्ड का पहला मॉडल “बाल मित्र जिला” बनाया जा सकेगा।
पूर्वी सिंहभूम” बच्चों के सुरक्षित व उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक कदम साबित हो सकता है, यदि इस जिला में—
बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, किशोर-किशोरियों के कौशल विकास कार्यक्रम चलाने, परिवारों का योजनाओं के लाभ से जोड़ने, ग्राम–पंचायत–प्रखंड स्तर पर क्षमता निर्माण करने तथा बच्चों की सुरक्षा हेतु मजबूत तंत्र क़ायम करने का कार्य तेजी से चलाया जाए.
उन्होंने अपील किया कि झारखंड, ख़ासकर पूर्वी सिंहभूम जिला को पूर्ण रूप से बाल मित्र जिला बनाया जाय और इस हेतु निम्नांकित प्रमुख मानक स्थापित किए जायें ः-
✔ जिले का कोई भी बच्चा बाल श्रम न करे
✔ 14 वर्ष से कम आयु का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे
✔ किसी लड़की का विवाह 18 वर्ष से पहले नहीं
✔ किसी लड़के का विवाह 21 वर्ष से पहले नहीं
✔ किसी भी बच्चे का मानसिक, सामाजिक या नैतिक शोषण न हो
✔ जिला का कोई भी बच्चा बेघर या उपेक्षित न हो
आइए मिलकर प्रयास करें कि पूर्वी सिंहभूम को बाल शोषण-मुक्त बनाकर झारखण्ड का मॉडल “बाल मित्र जिला” बनाया जाए और इसी प्रकार का अभियान पूरे झारखंड में चलाया जाए।





